
श्रीगंगानगर. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पक्के घर का सपना देख रहे ग्रामीण परिवारों के लिए राहत और सख्ती दोनों का संदेश एक साथ आया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की शासन सचिव पुष्पा सत्यानी ने सभी जिला कलक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि आवंटित लक्ष्यों के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की शत-प्रतिशत प्रथम किस्त जारी की जाए। कोई भी पात्र परिवार पहली किस्त से वंचित न रहे। प्रथम किस्त की राशि नहीं मिलने पर लोगों के आवास का निर्माण कार्य ही शुरू नहीं हो पा रहा है।
श्रीगंगानगर जिले की बात करें तो आवास सॉफ्ट पर प्रदर्शित प्रगति के अनुसार जिले को आवंटित लक्ष्यों के विरुद्ध 40,686 आवासों की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। इनमें से 39,259 लाभार्थियों को प्रथम किस्त मिल चुकी है, लेकिन 1,427 आवास अभी भी पहली किस्त की प्रतीक्षा में हैं। आंकड़े बताते हैं कि तकनीकी और औपचारिक अड़चनें बड़ी वजह बन रही हैं। शेष 1,427 मामलों में 741 लाभार्थियों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हैं, जबकि 686 लाभार्थियों को प्रथम किस्त जारी किया जाना शेष है। सरकार ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भी पाबंद किया है कि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराया जाए।
जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में भी प्रथम, द्वितीय और तृतीय किस्त की राशि समय पर नहीं मिलने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। अधिकारियों का तर्क रहा कि जिले से आवासों की स्वीकृतियां जारी कर भुगतान के लिए एफटीओ जारी कर दिए गए हैं, लेकिन राशि सीधे केंद्र सरकार से जारी होने के कारण आंशिक देरी हो रही है।
Published on:
29 Jan 2026 01:30 pm
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