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खाद की किल्लत : जरूरत दस की, नियम पांच का, घंटों इंतजार के बाद मिल रहे दो थैले

सूरतगढ़, जैतसर, श्रीविजयनगर, रामसिंहपुर, अनूपगढ़, रावला और घड़साना व रायसिंहनगर सहित अन्य क्षेत्रों में यूरिया की मांग सबसे अधिक बनी हुई है

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श्रीगंगानगर.इस बार रबी सीजन ने किसानों के चेहरे पर उम्मीद की हरियाली तो ला दी है,लेकिन उसी हरियाली ने नई चुनौती भी खड़ी कर दी है। जिले में गेहूं, जौ, सरसों और चना सहित रबी फसलों की बुवाई 7 लाख 14 हजार 680 हेक्टेयर क्षेत्र में की गई है। इन दिनों में अत्यधिक धुंध और मावठ ने फसलों की बढ़वार को रफ्तार दी है। खेतों में फसलें लहलहा रही हैं और उत्पादन बेहतर रहने की आस जगी है। अच्छी बढ़वार के चलते जिले में यूरिया खाद की मांग अचानक चरम पर पहुंच गई है। सूरतगढ़, जैतसर, श्रीविजयनगर, रामसिंहपुर, अनूपगढ़, रावला और घड़साना व रायसिंहनगर सहित अन्य क्षेत्रों में यूरिया की मांग सबसे अधिक बनी हुई है। सूरतगढ़ क्षेत्र में बारानी चना की फसल भी अच्छी स्थिति में है, जिससे वहां खाद की जरूरत और बढ़ गई है।

कृषि विभाग के सहायक निदेशक (कृषि विस्तार) सुशील कुमार शर्मा के अनुसार, सोमवार को सूरतगढ़ में करीब एक हजार किसानों को यूरिया का वितरण किया गया। प्रत्येक किसान को दो-दो थैले मिले। जबकि विभागीय नियमों के अनुसार एक किसान को अधिकतम पांच थैले दिए जा सकते हैं। किसानों का कहना है कि मौजूदा हालात में दो या पांच थैले उनकी जरूरत के सामने नाकाफी हैं।

गांव से शहर, फिर भी खाली हाथ जैसी स्थिति

कड़ाके की सर्दी में किसान गांवों से शहर पहुंचकर घंटों लाइन में लग रहे हैं। इसके बाद भी जब सिर्फ दो बैग यूरिया हाथ लगते हैं, तो खेतों की जरूरत पूरी नहीं हो पाती। कई किसानों का कहना है कि उन्हें एक बार में आठ से दस थैले यूरिया की आवश्यकता होती है। ऐसे में बार-बार बाजार आना समय, पैसा और मेहनत, तीनों पर भारी पड़ रहा है।

मांग ज्यादा, आपूर्ति जारी

कृषि विभाग का कहना है कि जिले में यूरिया की कोई वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि कुछ क्षेत्रों में मांग अचानक अधिक हो गई है। इसके बावजूद वितरण केंद्रों पर लंबी कतारें किसानों की परेशानी बयां कर रही हैं। किसानों को चिंता है कि यदि समय पर पर्याप्त यूरिया नहीं मिला,तो अच्छी बढ़वार के बावजूद फसल की उपज प्रभावित हो सकती है।

रबी की बुवाई का गणित (हेक्टेयर में)

गेहूं: 2,37,490

जौ: 1,14,533
सरसों: 2,83,893

चना: 61,929

कुल रबी बुवाई: 7,14,680

नियमित आपूर्ति

जिले में यूरिया की मांग एक लाख आठ हजार मीट्रिक टन की थी, जबकि अब तक एक लाख तेरह हजार मीट्रिक टन से अधिक की आपूर्ति हो चुकी है। इफको, कृभको और एनएफएल की यूरिया लगातार लोड होकर पहुंच रही है। सूरतगढ़, श्रीविजयनगर, रामसिंहपुर और अनूपगढ़ क्षेत्रों में मांग अधिक है, वहां नियमित आपूर्ति की जा रही है।

सुरजीत सिंह, सहायक निदेशक कृषि विस्तार (मुख्यालय)

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लव सोनकर

लव सोनकर

लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...


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