
श्रीगंगानगर। राजकीय जिला चिकित्सालय में करीब एक वर्ष पूर्व स्थापित सीटी स्कैन मशीन में आए फॉल्ट को अब तक दूर नहीं किया जा सका है। मशीन की स्पेयर पार्ट्स ट्यूब खराब हो जाने से सीटी स्कैन जांच पूरी तरह प्रभावित हो रही है। यह ट्यूब मुंबई से मंगवाई गई है, जिसके चलते अगले दो से तीन दिन तक सीटी स्कैन जांच ठप रहने की संभावना है। इस बीच, दूसरे दिन शुक्रवार को भी ठेका कंपनी के इंजीनियरों ने मशीन को दुरुस्त करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। पीएमओ डा. सुखपाल सिंह बराड़ ने बताया कि सीटी स्कैन मशीन को ठीक करने के लिए ठेका कंपनी के इंजीनियरों की टीम जिला अस्पताल में डेरा डाले हुए है। स्पेयर पार्ट में आई तकनीकी खराबी के कारण ट्यूब मुंबई से मंगवानी पड़ी है, इसके आने के बाद ही मशीन को दुरुस्त किया जा सकेगा। इस मशीन के दुरुस्त होने उपरांत रोगियों की जांच की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। विदित रहे कि वर्ष 2016 में सरकार के निर्देश पर सीटी स्कैन मशीन के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी पीपीपी मॉडल पर फर्म राजस्थानी डायग्नोस्टिक एवं जांच केंद्र को सौंपी गई थी। इसी ठेका फर्म की विशेषज्ञ टीम जिला अस्पताल में रोगियों की सीटी स्कैन जांच करती है। इस मशीन से जांच करने पर जिला अस्पताल प्रशासन ठेका फर्म को 1080 रुपए प्रति जांच की दर से भुगतान कर रहा है। अस्पताल से पुराने ट्रोमा में गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज सोनोग्राफी, एक्सरा व सीटी स्केन कराने जाते हैं, जिनकी सडक़ पर लगने वाले हिचकोलों से कराह निकल जाती है। चिकित्सालय में करोड़ों रुपए की लागत से भवन तो बन रहा है, लेकिेन जब तक नए भवन में सोनोग्राफी, एक्सरा मशीन व सीटी स्केन मशीन शिफ्ट नहीं होती है, तब तक इन रास्तों को सही कराया जा सकता है, लेकिन अस्पताल प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अस्पताल प्रशासन यह कहकर पल्ला झाड लेता है कि ये उपकरण नए भवन में शिफ्ट होंगे। दूसरी ओर से इस रास्ते में जंजीर लगाना कोढ में खाज का काम कर रहा है।
Published on:
31 Jan 2026 12:11 am
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