
श्रीगंगानगर. पंजाब में फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण कार्य के चलते 23 जनवरी से 35 दिन की नहरबंदी किए जाने से श्रीगंगानगर जिले के किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। हुसैनीवाला हैड से 45 आरडी पुरानी बीकानेर कैनाल होते हुए खखां हैड तक सिंचाई के लिए जहां 1500 क्यूसेक पानी की मांग की गई थी, वहीं वर्तमान में किसानों को मात्र 1000 से 1200 क्यूसेक पानी ही मिल पा रहा है।
इसी को लेकर शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने गंगा सिंह चौक पर धरना देकर सरकार और जल संसाधन विभाग के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि जल संसाधन विभाग के आला अधिकारियों और जिला प्रशासन ने खखां हैड पर 1500 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया था, लेकिन 10 दिन बीत जाने के बावजूद यह वादा पूरा नहीं हुआ। किसानों ने आरोप लगाया कि गंगनहर की 23 वितरिकाओं में से मात्र चार वितरिकाएं ही संचालित हो रही हैं, जिसके कारण लगातार तीन-तीन बारियां खाली जा रही हैं और रबी की फसलें प्रभावित होने की आशंका बढ़ती जा रही है।
धरने में शामिल किसान नेता अमर सिंह बिश्नोई ने बताया कि पुरानी बीकानेर कैनाल की सफाई किए बिना ही पानी छोड़ दिया गया, जिससे नहरों की स्थिति बिगड़ गई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और प्रशासन गंभीर प्रयास करें तो चलती नहर में ही सफाई कराकर पूरा पानी उपलब्ध कराया जा सकता है, लेकिन फिलहाल कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही। धरना स्थल पर किसान नेता सुभाष सगहल, दिलबांग सिंह, मनिंदर सिंह मान, गुरबलपाल सिंह संधू, गुरलाल सिंह बराड़ कुलविंद्र सिंह, सुखवीर सिंह फौजी, सीतल सिंह, वीरेंद्र संधू, हैप्पी ढिल्लो, बलराज बराड़,फतेह सिंह, रमन रंधवा और अमतेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र पानी की आपूर्ति नहीं बढ़ाई गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
Published on:
31 Jan 2026 12:26 pm
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