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सडक़ों पर घूम रहे मवेशियों को गौचर भूमि खाली कराने चला था अभियान

हटाया गया अतिक्रमण, लेकिन फिर से होने लगा कब्जा, सडक़ों पर मवेशी

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हटाया गया अतिक्रमण, लेकिन फिर से होने लगा कब्जा, सडक़ों पर मवेशी

हटाया गया अतिक्रमण, लेकिन फिर से होने लगा कब्जा, सडक़ों पर मवेशी

टीकमगढ़ जिले के प्रत्येक गांव में मवेशियों के विचरण और चारे के लिए गौचर (चरनोई) भूमि आरक्षित की गई थी, लेकिन गांवों के दबंगों द्वारा इन जमीनों पर अवैध कब्जा कर फ सलें बोई जा रही है। नतीजा यह है कि मवेशी सडक़ों पर घूमने को मजबूर है। जिससे आए दिन सडक़ दुर्घटनाएं हो रही है और लोगों की जान जा रही है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वर्ष 2024 में सरपंच संघ और विभिन्न हिन्दू संगठनों ने गौचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया था। इस दौरान गांव गांव बैठकें आयोजित की गईं और दिगौड़ा तहसीलदार, लिधौरा तहसीलदार, मोहनगढ़ तहसीलदार सहित कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे गए। इनकी पहल पर दिगौड़ा तहसीलदार ने 17 अगस्त, मोहनगढ़ तहसीलदार ने २० अगस्त २०२४ और लिधारा ने गौचर भूमि को खाली कराने पटवारियों को आदेश दिए थे। पटवारियों ने रूप रेखा तैयार करके नादिया से ८२ हेक्टेयर, मोहनगढ़ तहसील क्षेत्र के साथ अन्य क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाया गया था। दोवारा अतिक्रमण न करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब फिर से अतिक्रमण होना शुरू हो गया है।

इन स्थानों से हटाया गया अतिक्रमण

जानकारी के अनुसार खरगापुर तहसील के फुटेर घाट नदी के पास की गौचर भूमि पर अतिक्रमण था। मकान निर्माण कर लिया गया था। प्रशासन एक जुट होकर अतिक्रमण हटाया गया और गोशाला के लिए बोर्ड खड़ा कर दिया गया । वहीं पलेरा तहसील के बराना में अक्टूबर २०२५ में गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाया गया था। लेकिन फिर से अतिक्रमण होना शुरू हो गया है। वहीं दिगौड़ा तहसील के पीछे पिछले महीने गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाया गया है।

खाली जमीन का गायों के लिए नहीं किया जा रहा उपयोग

राजस्व विभाग द्वारा गांवों में अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन पर आवारा मवेशियों के लिए कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। मवेशी सडक़ों पर घूम रहे है, आए दिन सडक़ दुर्घटनाएं घटित हो रही है। जिला प्रशासन द्वारा मवेशियों के लिए कोई कार्य न करने से रहवासी दोवारा अतिक्रमण करने लगे है।

उजाड़ रहे फसल, किसान की बढ़ी चिंता

मवेशियों के लिए शासन द्वारा गौशाला निर्माण कराई गई और गांवों में पड़ी गौचर भूमियों को खाली कराया गया। लेकिन इनके लिए कोई नया प्रोजेक्ट तैयार किया गया। जिसके कारण आवारा मवेशी सडक़ों पर घूम रहे है और किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे है।

गौचर भूमि गांव के मवेशियों के लिए छोड़ी गई है। उन पर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया है। अगर फिर से अतिक्रमण कारियों द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है तो जांच के बाद जेल की कार्रवाई की जाएगी।

विवेक श्रोतिय, कलेक्टर टीकमगढ़।