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स्वास्थ्य केंद्र की अव्यवस्थाओं पर भोपाल से आई टीम ने जताई नाराजगी

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का किया गया निरीक्षण

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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का किया गया निरीक्षण

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का किया गया निरीक्षण

टीकमगढ़ सिविल अस्पताल का दर्जा प्राप्त जतारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे है। शासन और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के बावजूद यहां व्याप्त अनियमितताएं लगातार सामने आ रही है। बुधवार को भोपाल से आई जांच टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में स्वास्थ्य केंद्र में एक नहीं बल्कि कई गंभीर खामियां पाई गईं। जिस पर टीम ने नाराजगी जताई।

भोपाल से आईं प्राची अग्निहोत्री ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के महिला प्रसूति एवं डिलीवरी बॉय रूम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं में गंभीर कमियां पाए जाने पर उन्होंने बीएमओ डॉ अंकित साहू को फ टकार लगाई और तत्काल सुधार के सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान भर्ती महिलाओं से शासन द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली गई। महिलाओं ने बताया कि प्रसव के बाद मिलने वाला गुड़ व लड्डू जैसे पोषण आहार उन्हें नहीं दिए जाते। इतना ही नही, कई महिलाओं को अस्पताल से भोजन की सुविधा भी नहीं मिलती। जिसके कारण परिजनों को घर से भोजन लाना पड़ता है। जबकि शासन के नियमों के अनुसार प्रसूति के बाद महिलाओं को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

निर्देशों का नहीं किया जा रहा पालन

महिलाओं ने यह भी बताया कि कागजों में तो सुविधाएं दर्शा दी जाती है, लेकिन धरातल पर लाभ नहीं मिल रहा है। प्रसूता महिलाओं को दिए जाने वाले वस्त्र, कपड़े भी नहीं बांटे जाते, जो कि गंभीर जांच का विषय है। टीम ने बताया कि इस तरह की अनियमितताएं पहले भी जांच में सामने आ चुकी है, लेकिन पूर्व में दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया गया। निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हडक़ंपमच गया है। विभागीय अधिकारियों ने व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है। इस अवसर पर जतारा अस्पताल के चिकित्सक एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

मौके पर पहुंचे समाजसेवी, व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो अनशन बैठेंगे

जांच टीम के अस्पताल में मौजूद होने की जानकारी मिलते ही नगर के समाजसेवी भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष राम रतन दीक्षित ने कहा कि यदि स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार नहीं किया गया और मरीजों को शासन के नियमों के अनुरूप सुविधाएं नहीं मिली, तो संगठन को अनशन पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने मरीजों को बेहतर उपचार, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।