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टोंक, Jun 04, 2026

Tonk: बीसलपुर बांध पर शुरू होगा ‘समृद्धि’ पायलट प्रोजेक्ट, अब पाइपलाइन से पहुंचेगा हर खेत तक पानी

Bisalpur Samriddhi Project: बीसलपुर बांध कमांड एरिया राजस्थान का पहला ऐसा क्षेत्र बनने जा रहा है, जहां कमांड एरिया में आधुनिकीकरण के तहत 'समृद्धि' पायलट प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। इसके तहत किसानों को नहरों से आगे खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए प्रेशराइज्ड पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे पानी की बचत होगी।

Bisalpur Samriddhi Project

bisalpur dam: patrika photo

Bisalpur Samriddhi Project: बीसलपुर बांध कमांड एरिया राजस्थान का पहला ऐसा क्षेत्र बनने जा रहा है, जहां कमांड एरिया में आधुनिकीकरण के तहत 'समृद्धि' पायलट प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। इसके तहत किसानों को नहरों से आगे खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए प्रेशराइज्ड पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे पानी की बचत होगी।
प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक खेत तक समान रूप से पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। जल शक्ति मंत्रालय के निदेशक अशोक जैफ ने हाल ही परियोजना क्षेत्र का दौरा किया। इस महत्वाकांक्षी योजना की मॉनिटरिंग केंद्र स्तर पर की जा रही है।

बीसलपुर देशभर में 32 पायलट प्रोजेक्ट में शामिल

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना 'मॉडर्नाइजेशन ऑफ कमांड एरिया डवलपमेंट' (एम-कैड) योजना के तहत संचालित की जा रही है। देशभर में चयनित 32 पायलट परियोजनाओं में राजस्थान से बीसलपुर परियोजना को शामिल किया गया है। बीसलपुर कमांड एरिया का कुल क्षेत्रफल 81,800 हेक्टेयर है, लेकिन पायलट परियोजना के लिए 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र का चयन किया गया है।

इसमें अभी राजमहल, दूनी और दाखिया सिस्टम के तहत आने वाले 13 गांवों को शामिल किया गया है। इससे करीब 10 हजार किसान जुड़े हुए हैं। योजना की अनुमानित लागत 75 करोड़ रुपए है। प्रोजेक्ट सफल रहने पर आगामी वर्षों में अन्य गांवों को भी योजना में शामिल करने का प्रस्ताव है।

यह है समृद्धि योजना

  • एम-कैंड के तहत परियोजना
  • खेत तक प्रेशराइज्ड पाइपलाइन पानी पहुंचाने की व्यवस्था
  • जल हानि और पानी चोरी पर नियंत्रण
  • कम पानी में अधिक उत्पादन पस फोकस
  • किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

पाइपलाइन से होगी सीधी सिंचाई

अभी नहरों से खेतों तक पानी पहुंचाने के दौरान काफी मात्रा में पानी की छीजत और अवैध ढंग से चोरी हो रही है। कई किसान स्वयं इंजन और पाइप लगाकर सिचाई करते हैं, जिससे अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता है। इसे रोकने के लिए खेत स्तर तक प्रेशराइज्ड पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया जाएगा।

इससे हर किसान को निर्धारित मात्रा में पानी उपलब्ध हो सकेगा। पानी की बारी को लेकर भी किसानों में कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है, लेकिन पायलट प्रोजेक्ट से प्रेशराइज्ड पानी आपूर्ति मिलने पर इन विवादों पर विराम लग सकेगा। पायलट प्रोजेक्ट सफल रहने पर भविष्य में शेष किसानों को भी योजना का लाभ मिल सकेगा।

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