10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अहमदाबाद

वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट शहर को बनाएगा ग्रीन, स्मार्ट, सस्टेनेबल स्पोर्ट्स सिटी

Ahmedabd: वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी अहमदाबाद करेगा। इस अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन को ध्यान में रखते हुए अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) ने शहर को ग्रीन, स्मार्ट और सस्टेनेबल स्पोर्ट्स सिटी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। इसके तहत वेस्ट टू एनर्जी प्लांट अहम भूमिका निभा रहा है। यह प्लांट ठोस कचरे का […]

Google source verification

Ahmedabd: वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी अहमदाबाद करेगा। इस अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन को ध्यान में रखते हुए अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) ने शहर को ग्रीन, स्मार्ट और सस्टेनेबल स्पोर्ट्स सिटी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। इसके तहत वेस्ट टू एनर्जी प्लांट अहम भूमिका निभा रहा है। यह प्लांट ठोस कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन कर ऊर्जा उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण और जल बचत जैसे प्रयासों से शहर को वैश्विक स्तर पर टिकाऊ मॉडल के रूप में स्थापित कर रहा है।अक्टूबर 2024 से अब तक इस प्लांट के माध्यम से 2.96 लाख टन ठोस कचरे का उपयोग किया जा चुका है।

इसी अवधि में 1234.61 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ है, जिससे मनपा के विभिन्न कार्यों को ऊर्जा मिल रही है। इसके साथ ही 713.30 लाख किलोग्राम कोयले की बचत संभव हुई है और 1.93 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी दर्ज की गई है। इतना ही नहीं, 10,641.37 टन मिथेन गैस को वातावरण में जाने से रोका गया है। जल संरक्षण के क्षेत्र में भी यह प्लांट अहम साबित हुआ है। एसटीपी के पानी का पुनः उपयोग कर अब तक 786.291 मिलियन लीटर ताजे पानी की बचत की गई है।

इस प्लांट ने अहमदाबाद को पर्यावरणीय दृष्टि से नई पहचान दी है। कचरे को ऊर्जा में बदलने की इस व्यवस्था ने खुले में कचरा फेंकने की समस्या को कम किया है। साथ ही शहर की स्वच्छता में सुधार लाया है। कार्बन उत्सर्जन और ग्रीनहाउस गैसों में कमी से शहर को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में मदद मिल रही है।

खेल आयोजन में अहम भूमिका

कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान लाखों दर्शक और खिलाड़ी अहमदाबाद आएंगे। ऐसे समय में ठोस कचरे की मात्रा अचानक बढ़ सकती है। वेस्ट टू एनर्जी प्लांट इस चुनौती का त्वरित और वैज्ञानिक समाधान देगा। यहां उत्पन्न बिजली खेल स्थलों, प्रकाश व्यवस्था और सहायक इंफ्रास्ट्रक्चर में उपयोगी होगी। यह प्लांट केवल दैनिक स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी में अहमदाबाद को ग्रीन और स्मार्ट सिटी के रूप में वैश्विक पहचान दिलाने में निर्णायक भूमिका निभा रहा है।