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राजस्थान में बजट से पहले इन महिलाओं ने उठाई राज्यकर्मचारी का दर्जे और वेतन परिलाभों की मांग

हिण्डौनसिटी। ब्लॉक क्षेत्र की आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यरत आशा सहयोगिनियों ने सोमवार को तहसील कार्यालय में प्रदर्शन कर अपनी मांगें बुलंद कीं। अपराह्न पहुंची सहयोगिनियों ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। उनकी प्रमुख मांगों में मानदेय बढ़ाकर 18,000 रुपये किया जाना, समय पर भुगतान सुनिश्चित करना और राज्य कर्मचारी का दर्जा […]

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हिण्डौनसिटी। ब्लॉक क्षेत्र की आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यरत आशा सहयोगिनियों ने सोमवार को तहसील कार्यालय में प्रदर्शन कर अपनी मांगें बुलंद कीं। अपराह्न पहुंची सहयोगिनियों ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। उनकी प्रमुख मांगों में मानदेय बढ़ाकर 18,000 रुपये किया जाना, समय पर भुगतान सुनिश्चित करना और राज्य कर्मचारी का दर्जा प्रदान करना शामिल था।

अखिल राजस्थान आशा सहयोगिनी संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष गीता देवी बेनीवाल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में सहयोगिनियों ने कहा कि वर्तमान में उन्हें बहुत कम मानदेय मिलता है, जिसका भुगतान भी समय पर नहीं होता, जिससे आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सेवाकाल में मृत्यु पर परिवार को आर्थिक सहायता, जीवन बीमा, सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी और पेंशन जैसी सुविधाएं देने की मांग की। साथ ही आशाओं को चिकित्सा विभाग में स्थाई करने, एएनएम भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण और योग्यता के आधार पर पदोन्नति का प्रावधान करने की अपील की।

इस दौरान सुशीला महावर, राजकुमारी, रेखा वर्मा, ज्योति, सीमा सैनी, अनिता मित्तल, सीमा जाटव और पूनम गुप्ता सहित कई आशा सहयोगिनियां मौजूद रहीं। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने नारे लगाकर सरकार से 2026 के बजट में ही उनकी मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई।