हिण्डौनसिटी. विश्व कैंसर दिवस पर बुधवार को जिला चिकित्सालय के कैंसर डे-केयर यूनिट में राजस्थान पत्रिका के सामाजिक सरोकार कार्यक्रम के तहत श्रद्धेय कर्पूर चंद्र कुलिशजी जयंती शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चिकित्सक परिचर्चा आयोजित हुई। इस अवसर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कैंसर के लक्षणों, कारणों और बचाव की एहतियातों पर विस्तार से चर्चा की और लोगों को जागरूक किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र गुप्ता ने की। उन्होंने चिकित्सालय में उपलब्ध कैंसर की जांच व अन्य उपचार सुविधाओं के बारे में बताया। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनिया मीणा ने कहा कि महिलाओं में सर्वाइकल और स्तन कैंसर समय पर जांच और सतर्कता से रोके जा सकते हैं। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और जागरूकता ही सबसे बड़ी ढाल है। उन्होंने बताया कि चिकित्सालय में इनकी जांच और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। हर पांच वर्ष में प्रत्येक महिला को इसकी जांच करानी चाहिए।
दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा सिंघल ने मुख कैंसर पर कहा कि तंबाकू और गुटखा चबाना केवल आदत नहीं, यह धीमे जहर के तौर पर व्यक्ति को धीरे-धीरे कैंसर की ओर ले जाती है। उन्होंने लोगों से इनसे दूर रहने और मुख स्वच्छता पर ध्यान देने पर जोर दिया। चेस्ट फिजीशियन डॉ. हेमराज सैनी ने फेफड़ों के कैंसर पर कहा कि धूम्रपान से फेफड़े जलते हैं और जीवन की सांसें छोटी हो जाती हैं। नई पीढ़ी में बढ़ती धूम्रपान की लत समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने संक्रमण और प्रदूषण को भी फेफड़ों के कैंसर का कारण बताया। आयुर्वेद चिकित्सक सतीश शुक्ला ने कहा कि ऋषियों ने दिनचर्या और ऋतुचर्या का विधान इसलिए बनाया था ताकि शरीर संतुलित रहे। विपरीत आहार-विहार से रोग जन्म लेते हैं और कैंसर भी उन्हीं में से एक है। दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. मनमोहन शर्मा ने बताया कि गुटखा और तंबाकू के कारण मुख व गले के कैंसर के मामले तेजी से बढ़े हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने ओरल हेल्थ अभियान चलाया है, लेकिन असली सफलता तभी मिलेगी जब लोग स्वयं नशे से दूरी बनाएंगे। कैंसर केयर यूनिट प्रभारी डॉ. अंकुश अग्रवाल ने कहा कि कैंसर केवल खानपान और नशे से नहीं, बल्कि मानसिक तनाव और अवसाद से भी जुड़ा है।
ऐसे में स्वस्थ जीवनशैली ही इसका सबसे बड़ा इलाज है। परिचर्चा के अंत में सभी चिकित्सकों ने एक स्वर में कहा कि जागरूकता ही कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने लोगों से संतुलित आहार, व्यायाम, नशा त्याग और नियमित स्वास्थ्य जांच को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।