
शाम करीब पांच बजेे की घटना है। गांव के एक घर के पास ही भुसा जलाया जा रहा था। इस बीच अचानक हवा आंधी शुरू हो गई। धुल के साथ तेज हवा चलने से आग मकानों तक पहुंच गई। एक मकान से शुरू हुई आग कुछ ही देर में 25 मकानों तक फैल गई। अधिकांश मकानों लकड़ी के बने होन से आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटे देख ग्रामीण दहशत में आ गए। लोगों ने एक दूसरे के घरों से पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास करने लगे लेकिन तेज हवा चलने आग बेकाबू हो गई।
रात तक नहीं बुझ पाई आग
घटना की जानकारी लगने पर, पिपलौद, खंडवा, और हरसूद से अग्निशमन वाहन मौके पर पहुंचे और आग बुझाना शुरू किया। तेज हवा चलने से उन्हें भी आग बुझाने में परेशानी हुई। इस बीच पिपलौद थाने से पुलिसकर्मी, एसडीएम और तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। रात करीब 10 बजे तक आग पुरी तरह से बुझ नहीं पाई थी। आसपास के खेतों में भी आग फैल गई थी। इस मामले में थाना प्रभारी एसआइ प्रेमसिंह जामोद ने बताया कि शाम पांच बजे लगी आग 10 बजे तक नहीं बुझ पाई थी। कोई जनहानि नहीं हुई है, घर का सामान पुरा जल गया है। कचरे के ढेर से आग मकानों तक पहुंची।
शादी का सामान जल गया, सब कुछ खाक
जंगल में नदी के पास बसे हंडियाखेड़ा में करीब 150 मकान हैं। आग में सोहनलाल, गोरेलाल और प्रेमलाल सहित अन्य लोगों के मकान जले हैं। इसमें एक ग्रामीण ऐसा भी जिसके घर शादी की तैयारियां चल रही थी। उसका मकान भी आग की चपेट में आ गया। आग में जले हुए बर्तनों के अलावा कुछ नहीं बचा। हादसे में युवती मुंगली बाई झुलसी है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती किया गया।