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350 जवानों को खोने के बाद इस इलाके में टैंकों के साथ घुसी पाक सेना, निवासियों ने कहा- भारी तोपखाना भी काम नहीं आएगा

बलूचिस्तान में बलूच विद्रोहियों ने हाल के दिनों में 350 से अधिक पाकिस्तानी सेना के जवानों को मार गिराया है। भारी तबाही के बाद पाक सेना ने टैंकों और बख्तरबंद वाहनों के साथ नुश्की इलाके में प्रवेश किया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, विद्रोहियों से मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने वहां भारी तैनाती बढ़ा दी है।

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भारत

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Mukul Kumar

Feb 10, 2026

PAK Army (Photo: IANS)

पाक सेना। (फोटो- IANS)

बलूचिस्तान में बलूच विद्रोहियों ने पिछले कुछ दिनों में 350 से अधिक पाक सेना के जवानों को मार गिराया है। बड़ी तबाही के बाद बलूचिस्तान में पाक सेना टैंकों के साथ घुस गई है।

स्थानीय मीडिया ने बताया है कि बलूच विद्रोहियों के साथ जानलेवा झड़प के कुछ दिनों बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बल टैंकों और बख्तरबंद गाड़ियों के साथ बलूचिस्तान के नुश्की में घुस गए और सुरक्षा बढ़ा दी है।

लोगों से घर के अंदर रहने की सलाह

यह भी खबर सामने आई है कि पाक अधिकारियों ने ऑपरेशन जारी रहने पर पूरे शहर में कर्फ्यू लगा दिया है। अधिकारियों ने दुकानें बंद रखने और लोगों को घर के अंदर रहने के लिए कहा है।

द बलूचिस्तान पोस्ट ने स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने नोश्की में चल रहे कर्फ्यू और सुरक्षा ऑपरेशन के बीच बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के नेता बशीर जेब बलूच के पुश्तैनी घर को गिरा दिया।

विद्रोही के घर को पाक सेना ने तोड़ा

यह तोड़फोड़ अहमद वाल इलाके में हुई, जहां पाकिस्तानी बलों ने नुश्की के अलग-अलग हिस्सों में बड़े सुरक्षा ऑपरेशन के बीच विस्फोटकों का इस्तेमाल करके बशीर जेब बलूच के घर को नष्ट कर दिया। यह घटनाक्रम 31 जनवरी को बीएलए के ऑपरेशन हेरोफ के दूसरे चरण के लॉन्च के बाद हुआ।

इस ऑपरेशन के दौरान उसने नुश्की के साथ-साथ दूसरे इलाकों पर भी कब्जा करने का दावा किया। बीएलए ने ऐलान किया कि ऑपरेशन खत्म होने की घोषणा करने से पहले उसने छह दिनों तक शहर पर कब्जा बनाए रखा।

बलूच मानवाधिकार के रक्षक ने क्या कहा?

इस बीच, बलूच मानवाधिकार के रक्षक मीर यार बलूच ने मंगलवार को अपने एक्स पर एक वीडियो शेयर किया। जिसमें एक पाकिस्तानी सेना का टैंक बलूचिस्तान में घुसते हुए देखा जा रहा है।

मीर यार बलूच ने पाकिस्तानी सेना पर आरोप लगाया कि वे नुष्की में अहमदवाल इलाके में बलूच लोगों पर टैंक, ड्रोन, एयर स्ट्राइक और भारी आर्टिलरी से हमले कर रहे हैं और गांवों को तबाह कर रहे हैं।

पाक सेना की कार्रवाई पर बवाल

मीर ने एक्स पोस्ट में कहा- आतंक और सामूहिक सजा के ये काम उन लोगों के खिलाफ किए जा रहे हैं जिन्होंने पाकिस्तान के गैर-कानूनी कब्जे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। बलूचिस्तान की धरती पर ऐसे जुर्म कभी बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

उन्होंने आगे कहा- पाकिस्तान ने खुद को एक आतंकवादी देश के तौर पर दिखाया है, जिसने बलूचिस्तान में अपनी पहचान, अधिकार और कंट्रोल पूरी तरह खो दिया है।

मीर ने एक्स पोस्ट में कहा- अपनी राजनीतिक, नैतिक और सैन्य हार मानने के बजाय, कब्जा करने वाली सेनाएं बेताब होकर क्रूर ताकत का इस्तेमाल कर रही हैं। इतिहास साफ है। क्रूर ताकत ने पाकिस्तान को कभी बेइज्जती से नहीं बचाया है और अब भी नहीं बचा पाएगी।

मानवाधिकार कार्यकर्ता ने बांग्लादेश का किया जिक्र

पाकिस्तान के खिलाफ 1971 के बांग्लादेश लिबरेशन वॉर का जिक्र करते हुए मानवाधिकार कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि लगभग तीन मिलियन बांग्लादेशी बंगाली महिलाओं, बच्चों और आम लोगों की हत्या के बावजूद, पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी पछतावे के अपने अत्याचार जारी रखे।

उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान ने सरेंडर तभी किया जब भारतीय सेना के दखल के बाद उसके सैनिकों को भारी नुकसान होने लगा।

पाकिस्तानी सेना बलूच नागरिकों को मार रही- मीर का दावा

मीर ने दावा किया कि बलूचिस्तान में भी ऐसा ही पैटर्न दोहराया जा रहा है और आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना ड्रोन हमलों, हवाई बमबारी और टैंक से गोलाबारी करके बलूच नागरिकों को मार रही है।

हमलों की निंदा करते हुए मानवाधिकार कार्यकर्ता ने कहा- कोई टैंक, कोई जेट, कोई ड्रोन और कोई भारी तोपखाना कभी भी 60 मिलियन बलूच लोगों की इच्छाशक्ति को नहीं तोड़ सकता या उनके इरादे को कमजोर नहीं कर सकता। कब्जा नाकाम होगा। विरोध जारी रहेगा। आजादी जरूरी है।