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अमेरिका ने तीन भारतीयों को किया गिरफ्तार, जानें क्या है वेनेजुएला से संबंध

रूस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना द्वारा ज़ब्त किए गए रूसी झंडे वाले तेल टैंकर में 28 लोगों का क्रू था, जिसमें तीन भारतीय नागरिक शामिल थे।

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अमेरिका ने जब्त किया ऑयल टैंकर

अमेरिकी सेनाओं ने उत्तरी अटलांटिक महासागर में रूसी झंडे वाले ऑयल टैंकर 'मरिनेरा' को जब्त कर लिया है। यह टैंकर वेनेजुएला से जुड़े प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के आरोप में पकड़ा गया। जहाज पर सवार 28 क्रू मेंबर्स में 3 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। रूस ने इसे 'समुद्री डकैती' करार दिया है, जबकि अमेरिका ने इसे प्रतिबंधित ऑयल की तस्करी रोकने की कार्रवाई बताया।

जहाज की जब्ती

टैंकर मूल रूप से 'बेला-1' नाम का था, जो बाद में नाम और झंडा बदलकर 'मरिनेरा' बन गया। अमेरिकी कोस्ट गार्ड और सैन्य बलों ने कैरिबियन सागर से इसे ट्रैक करते हुए उत्तरी अटलांटिक में पकड़ा। जहाज वेनेजुएला के लिए जा रहा था या वहां से लौट रहा था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह 'शैडो फ्लीट' का हिस्सा था, जो प्रतिबंधित वेनेजुएला, ईरान और रूस के ऑयल की तस्करी करता है।

ऑपरेशन में हेलीकॉप्टर से अमेरिकी फोर्सेस ने जहाज पर चढ़ाई की। अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने कहा, "यह जहाज हफ्तों से भाग रहा था, झंडा और नाम बदलकर। लेकिन हमारे बहादुर कोस्ट गार्ड ने तूफानों के बीच पीछा कर इसे पकड़ा।" इसी दिन दूसरा टैंकर 'एम सोफिया' (पनामा झंडा) भी कैरिबियन में जब्त किया गया।

क्रू की जानकारी: 3 भारतीय, 17 यूक्रेनी समेत 28 सदस्य

रूस टुडे (आरटी) की रिपोर्ट के अनुसार, जहाज पर 28 क्रू मेंबर्स थे:
- 3 भारतीय
- 17 यूक्रेनी
- 6 जॉर्जियाई
-2 रूसी

रूस के ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने पुष्टि की कि जब्ती के बाद जहाज से संपर्क टूट गया। व्हाइट हाउस ने कहा कि क्रू को अमेरिका लाया जा सकता है और जरूरत पड़ी तो मुकदमा चलाया जाएगा। भारतीय विदेश मंत्रालय ने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक भारतीय दूतावास क्रू की सुरक्षा पर नजर रख रहा है।

रूस का विरोध: 'खुली समुद्री डकैती'

रूसी सांसद आंद्रेई क्लिशास ने अमेरिकी कार्रवाई को 'समुद्री डकैती' बताया। रूस का कहना है कि जहाज को अस्थायी रूप से रूसी झंडा दिया गया था और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी देश को दूसरे देश के झंडे वाले जहाज पर बल प्रयोग का अधिकार नहीं। ब्रिटेन ने भी अमेरिका को बेसिंग सपोर्ट दिया था।

वेनेजुएला पर अमेरिकी दबाव

यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वेनेजुएला नीति का हिस्सा है। हाल ही में अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ा था। अमेरिका वेनेजुएला के प्रतिबंधित ऑयल को ब्लॉक कर रहा है और दावा करता है कि इससे मिलने वाला पैसा आतंकवाद और अवैध गतिविधियों में जाता है।