
बांग्लादेश में बीएनपी ने दर्ज की शानदार जीत (Photo-IANS)
Bangladesh Election: बांग्लादेश में आंदोलन के बाद पहली बार हुए चुनाव के नतीजों में अब तक बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को बहुमत से ज्यादा सीटें मिलती हुई नजर आ रही हैं। देश से 17 साल तक निर्वासित रहने वाले तारिक रहमान अब नए प्रधानमंत्री बनेंगे। वापसी के बाद इस चुनाव में तारिक ने अपने आप को एक शक्तिशाली नेता बनाया है। आम चुनाव में तारिक रहमान ने अपनी दोनों संसदीय सीटें, ढाका-17 और बोगुरा-6, से जीत दर्ज की है।
पड़ोसी देश में दो सीटों पर जीत शक्ति की प्रतीक मानी जाती है। इन दोनों सीटों की जीत ने उनके राजनीतिक कद को और मजबूत किया है।
तारिक रहमान, जियाउर रहमान और खालिदा जिया के बेटे हैं। बांग्लादेश की आजादी की जंग के दौरान तारिक रहमान चार साल के थे। उस समय उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में भी रखा गया था। यही कारण है कि उनकी पार्टी युद्ध के सबसे कम उम्र के बंदियों में शामिल होने के कारण उन्हें सम्मानित करती है।
तारिक रहमान को 2007 में भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान उन्होंने जेल में मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रहमान की रिहाई राजनीति से दूर रहने की शर्त पर हुई थी। इसके बाद वे 2008 में देश छोड़कर लंदन चले गए थे।
इसके बाद BNP नेता तारिक रहमान करीब 17 साल लंदन में रहे। हालांकि इस दौरान वे देश से दूर रहे, लेकिन राजनीति से जुड़े रहे। वे पार्टी का नेतृत्व करते रहे और वीडियो कॉल, सोशल मीडिया और डिजिटल सभाओं के माध्यम से पार्टी के नेताओं की बैठक ली। हालांकि चुनाव से कुछ समय पहले ही खालिदा जिया की मौत के बाद तारिक ने पार्टी की कमान संभाली थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक BNP नेता तारिक रहमान पर दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2018 में रहमान को शेख हसीना की रैली पर हुए हमले की साजिश के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
राजद के कई बड़े नेता और तेजश्री यादव की पत्नी ने कहा था कि बिहार में खेल होना अभी बाकि है। ऐसा होने के डर से ही नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा के नजदीक चाणक्य होटल में रात को रुकवाया।

क्या आपको लगता है कि यह टैरिफ भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा?

लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
Published on:
13 Feb 2026 09:13 am
टिप्पणियाँ (0)

टिप्पणियाँ (0)