
Ali Khamenei and Donald Trump (Photo - Washington Post)
अमेरिका (United States Of America) और ईरान (Iran) के बीच युद्ध की अटकलों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। ईरान के पास अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने शक्तिशाली नौसेना बेड़ा तैनात कर दिया है। मिडिल ईस्ट में सभी अमेरिकी ठिकानों पर मौजूद सैनिक भी अलर्ट मोड पर हैं। ट्रंप चाहते हैं कि ईरान उनकी शर्तों पर परमाणु समझौते के लिए तैयार हो जाए, वहीं ईरान ने साफ कर दिया है कि उन्हें परमाणु हथियार नहीं चाहिए। ईरान ने यह भी साफ कर दिया है कि वो अमेरिका के आगे झुकेगा नहीं।
अमेरिका से बचाव के लिए अमेरिकी सेना युद्ध की तैयारी में जुट गई है। ईरान का इस पूरे मामले पर स्पष्ट रुख है कि वो अपने बचाव के लिए 200% तैयारियों पर जोर देगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने बताया है कि इस पूरी मामले पर आज, शुक्रवार, 30 जनवरी को हाई-लेवल मीटिंग होगी।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव युद्ध में न बदले, इसके लिए मध्यस्थता की कोशिश भी जारी है। मिडिल ईस्टर्न देश ट्रंप को इस बात की राज़ी करने की कोशिश कर रहे हैं कि वह ईरान पर हमले का इरादा छोड़ दे। ईरान बातचीत के लिए तैयार है और ट्रंप ने भी इस मामले पर बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया है। ईरान भी अमेरिका के खिलाफ युद्ध नहीं चाहता और बातचीत के ज़रिए तनाव को खत्म करने पर जोर दे रहा है। तुर्की (Turkey) के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन (Recep Tayyip Erdoğan) तो दोनों देशों के बीच शांति के लिए ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए शांति वार्ता करवाने का भी प्रस्ताव दिया है। ईरानी विदेश मंत्री भी तुर्की का दौरा करेंगे जिससे इस सिलसिले में बातचीत की जा सके। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से सीधी बातचीत नहीं हुई है।
Published on:
30 Jan 2026 12:34 pm
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