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नई पहल : अब एलएनजी से भी चलेगी डेमू ट्रेन, विशेष इंजन हुआ तैयार

साबरमती से पाटण, महेसाणा, आबूरोड रूट पर हुआ सफल ट्रायल साबरमती आइसीडी ने तैयार किया ड्यूल फ्यूल डेमू का इंजन अहमदाबाद. देश में अब डीजल ही नहीं बल्कि लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) से भी डीजल इलेक्टि्रक मल्टीपल यूनिट (डेमू) ट्रेन चलेगी।पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद स्थित इंटीग्रेटेड कोचिंग डिपो (आइसीडी), साबरमती ने इसे संभव बनाया है। […]

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डेमू के डीपीसी में एलएनजी आधारित ड्यूल फ्यूल प्रणाली।

साबरमती से पाटण, महेसाणा, आबूरोड रूट पर हुआ सफल ट्रायल

साबरमती आइसीडी ने तैयार किया ड्यूल फ्यूल डेमू का इंजन

अहमदाबाद. देश में अब डीजल ही नहीं बल्कि लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) से भी डीजल इलेक्टि्रक मल्टीपल यूनिट (डेमू) ट्रेन चलेगी।
पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद स्थित इंटीग्रेटेड कोचिंग डिपो (आइसीडी), साबरमती ने इसे संभव बनाया है। साबरमती आइसीडी में ड्यूल फ्यूल डेमू का विशेष इंजन तैयार किया गया है। इतना नहीं साबरमती से पाटण, साबरमती से महेसाणा और साबरमती से आबूरोड के रूट पर इस एलएनजी आधारित विशेष इंजन का सफल ट्रायल भी कर लिया गया है।
अहमदाबाद मण्डल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने शुक्रवार को इस विशेष इंजन का निरीक्षण किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि यह भारतीय रेलवे की पहली एलएनजी-डीजल आधारित ड्यूल फ्यूल डेमू ट्रेन है। इसका 2 हजार किलोमीटर का सफल ट्रायल भी हो चुका है।

एलएनजी के साथ डीजल संचालन प्रणाली भी

उन्होंने बताया कि यह स्वच्छ, पर्यावरण अनुकूल एवं किफायती रेल परिचालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। भारतीय रेलवे में पहली बार डेमू के ड्राइविंग पावर कार (डीपीसी) में एलएनजी , डीजल आधारित ड्यूल फ्यूल प्रणाली को अपनाया गया है।
दो विशेष इंजन किए हैं तैयार, 1400 एचपी की क्षमता
1400 एचपी के दो डेमू डीपीसी को डीजल के साथ ही एलएनजी ड्यूल फ्यूल प्रणाली से संचालन में सक्षम बनाया है। इसमें 40 प्रतिशत एलएनजी और 60 प्रतिशत डीजल का उपयोग किया जा रहा है।

प्रदूषण घटेगा, संचालन होगा किफायती

उन्होंने बताया एलएनजी-डीजल ड्यूल फ्यूल प्रणाली के चलते इंजन से निकलने वाले कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और पार्टिकुलेट मैटर में उल्लेखनीय कमी होगी। रेलवे मार्गों के पास वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। चूंकि डीजल की तुलना में एलएनजी सस्ती है, जिससे संचालन किफायती होगा। आंकड़ों के आधार पर एक डीपीसी से लगभग 11.9 लाख रुपए प्रति वर्ष की बचत होगी। एक 8-कोच डेमू रेक (2 डीपीसी) से लगभग 23.9 लाख रुपए प्रति वर्ष की बचत संभव है।

एलएनजी से डीजल में संचालन भी आसान

संचालन में फ्लेक्सिबिलिटी के तहत ड्यूल फ्यूल इंजन, ईंधन की उपलब्धता के अनुसार डीजल और एलएनजी के बीच आसानी से स्विच कर सकते हैं, जिससे सेवा में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं होता।

2200 लीटर क्षमता का टैंक, एक बार में 222 किमी सफर

डीपीसी में 2200 लीटर क्षमता (लगभग 950-1000 किलोग्राम उपयोगी एलएनजी) का एलएनजी टैंक लगा है। एक बार पूर्ण भरने से 222 किलोमीटर का संचालन संभव है। प्रति किलोमीटर डीजल से संचालन में 1.33 रुपए और एलएनजी से संचालन में 0.33 पैसे लागत आती है।

8 और डेमू डीपीसी को परिवर्तित करने की योजना

साबरमती स्थित इंंटीग्रेटेड कोचिंग डिपो (आइसीडी) के वरिष्ठ कोचिंग डिपो अधिकारी गौरव सारस्वत ने बताया कि अनुसंधान डिजाइन एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) की ओर से अगले चरण में 8 और डेमू डीपीसी को ड्यूल फ्यूल प्रणाली में परिवर्तित करने की योजना है। उत्सर्जन परीक्षण एवं अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद इस तकनीक को विस्तार दिया जाएगा।