
अलवर.
आज पृथ्वी दिवस है। मगर लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के चलते पृथ्वी प्रदूषित होती जा रही है। अलवर भी इससे अछूता नहीं है। खास बात यह है कि जिन महकमों को प्रदूषण कम करने की जिम्मेदारी दे रखी है, वे खुद ही लापरवाह नजर आ रहे हैं।
अलवर की आबोहवा में खराब है। एमआईए और भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले प्रदूषण के चलते यहां लोगों का रहना दूभर हो गया है। भिवाड़ी तो प्रदेश के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल भी इसे लेकर गंभीर नहीं है। केवल नोटिस देकर इतिश्री कर ली जाती है। कभी यह जांचने का प्रयास नहीं किया जाता है कि संबंधित उद्योग या विभाग ने प्रदूषण को कम करने के उपाय किए हैं या नहीं। उधर नगर निगम भी अपने काम के प्रति गंभीर नहीं है। कचरे को वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित करने की बजाय उसे जलाकर शहर में प्रदूषण फैलाया जा रहा है।
डंपिंग यार्ड में जलाते हैं कचरा
शहर का कचरा अंबेडकर नगर के डंपिंड यार्ड बनाया हुआ है। यहां कचरा फैला रहता् है और जानवर इस कचरे को खा रहे हैं।यहां आए दिन कचरे में आग लगा दी जाती है, जिसकी वजह से चारों तरफ प्रदूषण का धुंआ फैला रहता है। रात के वक्त तो यहां से गुजरना मुश्किल हो जाता है।
एमआईए औद्योगिक क्षेत्र का ये हाल…………..
एमआईए औद्योगिक क्षेत्र में हजारों मीट्रिक टन कचरा निकलता है। कचरे का समय सही पर निस्तारण नहीं होने से कचरा नालों में पहुंच जाता है और सड़ने लगता है। इस जहरीले केमिकल की वजह से अग्यारा बांध भी बदबू मार रहा है। इस वजह से आसपास किसानों भी खेती भी इस पानी से प्रभावित हो रही है।
प्लास्टिक का धड़ल्ले से उपयोग
सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध है, लेकिन इस धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है। नगर निगम कभी इस पर कार्रवाई नहीं करता है। यह प्लास्टिक खाकर जानवर मर रहे हैं। इसी तरह एसी के प्रयोग की वजह से भी तापमान लगातार बढ़़ता जा रहा है। प्रदूषण की वजह से दमा, त्वचा, कैंसर, श्वांस संबंधी रोग हो रहे हैं। इनसे बचने के लिए चिकित्सक नियमित मास्क के उपयोग की सलाह दे रहे हैं।
Published on:
22 Apr 2024 07:21 pm
