अंबिकापुर, Jun 07, 2026

Dogs catcher caught both dogs (Photo- Patrika)
अंबिकापुर। शहर के ब्रह्मरोड से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने कुत्तों (Dogs terror) के खुले में स्वच्छंद घूमने को लेकर एक बार फिर सवाल खड़ा किया है। 2 कुत्तों की वजह से यहां रहने वाला व्यवसायी दंपती करीब डेढ़ घंटे तक (Dogs Hostage Couple) अपनी दुकान में बंधक बना रहा। व्यवसायी ने अपना दर्द बयां किया है। उसने कहा कि 2 पालतू कुत्ते शनिवार की दोपहर उसकी दुकान में घुस आए थे। इस दौरान उसकी पत्नी दुकान में ही बैठी थी। जब उन्होंने कुत्तों को भगाना चाहा तो वे आक्रामक हो जा रहे थे। ऐसे में वे डेढ़ घंटे तक दुकान के ही भीतर बंधक बने रहे। जब उसने कुत्तों को पकडऩे वालों को बुलाया, तब उसे उनसे मुक्ति मिली।
शहर के ब्रह्मरोड निवासी व्यवसायी उमेश अग्रवाल 57 वर्ष की भवानी डिस्पोजल हाउस (Bhavani Disposal house) दुकान है। व्यवसायी का कहना है कि शनिवार की दोपहर करीब 12 बजे वह और उसकी पत्नी बबीता अग्रवाल दुकान में ही थे। इस दौरान कहीं से नर और मादा कुत्ते दुकान में घुस आए। दोनों के गले में लाल रंग का पट्टा बंधा था, इससे उनके पालतू होने की बात कही जा रही है।
उसने बताया कि जब वे कुत्तों को भगाने की कोशिश (Try to remove dogs) करने लगे तो उन्होंने आक्रामक रुख अपना लिया। इससे वे डर गए और दुकान के भीतर ही अपने आप को बचाने दुबक गए।
उसने बताया कि उसकी पत्नी काउंटर पर बैठी थी, उसने रिवाल्विंग चेयर को अड़ाकर खुद को कुत्तों से बचाया। करीब डेढ़ घंटे तक वे अपनी ही दुकान में बंधक (Hostage in shop) जैसे बने रहे। इस दौरान वे कोई सामान भी नहीं बेच पाए।
व्यवसायी का कहना है कि अंत में उसने कुत्ते पकडऩे (Dogs catchers) वालों को फोन किया। इसके बाद उनकी टीम पहुंची और कुत्तों को किसी तरह से वहां से निकालकर ले गई। व्यवसायी का कहना है कि डेढ़ घंटे तक वह और उसकी पत्नी डरे-सहमे रहे।
उसने बताया कि कुत्ते पकडऩे वाली टीम ने बताया कि सुबह से दोनों कुत्ते 2-3 दुकानों में इसी तरह घुस चुके हैं। उनके पास उन व्यवसायियों के भी फोन आए थे। कुत्ते का कौन मालिक है, फिलहाल इसका पता नहीं चल सका है।
Published on: 07 Jun 2026 02:27 pm


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