Ajaey Kumar : भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि ऐसा कोई नैरेटिव नहीं बनना चाहिए, जिससे सरकार या संगठन की छवि प्रभावित हो।
Ajaey Kumar : भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाना संगठन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई नैरेटिव नहीं बनना चाहिए, जिससे सरकार या संगठन की छवि प्रभावित हो। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सरकार के खिलाफ सार्वजनिक टिप्पणियों से बचने और संगठन व सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की नसीहत दी। नियुक्ति के बाद पहली बार शनिवार को जयपुर प्रवास पर पहुंचे अजेय कुमार ने मोतीडूंगरी गणेशजी के दर्शन के बाद प्रदेश भाजपा कार्यालय में बैठक ली। उन्होंने कहा कि संगठन की असली ताकत बूथ इकाइयों में है। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता मंचासीन रहे।
1- स्वागत में माला, मिठाई और उपहार न लाएं।
2- बैनर-पोस्टर पर मेरी तस्वीर न लगाएं।
3- स्वागत के लिए रैली या कारों का काफिला न निकालें।
4- कार्यकर्ता सामान्य रूप से मिलें और संवाद करें।
5- दिखावे की बजाय संगठनात्मक कार्यों पर ध्यान दें।
अजेय कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया पर यह चर्चा चल रही है कि संगठन महामंत्री के आने से सब कुछ बदल जाएगा, जबकि ऐसा नहीं है। भाजपा में अध्यक्षीय व्यवस्था है और वही आगे भी चलेगी। उनकी भूमिका संगठन और सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने की है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव सामने हैं, इसलिए जिला अध्यक्ष अब कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में उतरकर संगठन को सक्रिय करें और चुनावी तैयारियों पर फोकस करें।
राजस्थान भाजपा को करीब ढाई साल बाद नया संगठन महामंत्री मिला है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देश पर राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने अजेय कुमार को प्रदेश संगठन महामंत्री नियुक्त किया है। पंचायत और निकाय चुनावों से पहले हुई इस नियुक्ति को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से रिक्त पड़े इस पद पर नियुक्ति के साथ ही भाजपा ने आगामी चुनावी तैयारियों को गति देने का संकेत दिया है।
राजस्थान में संगठन महामंत्री का पद जनवरी 2024 से खाली था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में काम करने का अनुभव राजस्थान में उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता है। राजस्थान भाजपा के लिए यह नियुक्ति केवल एक संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक अभियानों और चुनावी प्रबंधन को नई दिशा देने वाला कदम भी मानी जा रही है।