सोशल मीडिया पर रील्स और वीडियो के जरिए लाखों लोगों के दिलों में जगह बनाने वाली जोधपुर की जानी-मानी इन्फ्लूएंसर अनीता बिश्नोई (Anita Bishnoi) के आत्महत्या का प्रयास करने की खबर ने उनके फैंस को झकझोर कर रख दिया है। आइये जानते हैं अनीता बिश्नोई की पूरी कहानी और वो कैसे बन गईं स्टार इंफ्लूएंसर?
सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर अनीता बिश्नोई के ऑनलाइन ट्रोलिंग परेशान होकर जहर खाने के बाद गंभीर अवस्था में बुधवार को अनिता विश्नोई मंथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनकी स्थिति में गुरुवार को सुधार देखा गया है। दूसरी तरफ इस मामले में पारिवारिक विवाद की बात भी सामने आई है।
मथुरादास माथुर अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार अनीता की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यूनिट हेड डॉ. अमित सागर ने बताया कि मरीज को गहन चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। प्रारंभिक गंभीर स्थिति के बाद अब स्वास्थ्य में कुछ सकारात्मक सुधार दिखाई दे रहा है। मरीज की स्थिति पहले की तुलना में अधिक स्थिर है और उपचार पर प्रतिक्रिया भी बेहतर मिल रही है।
अनीता बिश्नोई राजस्थान के जोधपुर की रहने वाली एक बेहद लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्ज़र और कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्होंने अपनी अनूठी ग्रामीण जीवनशैली और बेबाक अंदाज़ के दम पर इंटरनेट पर लाखों लोगों का दिल जीता है।
गांव की सादगी से निकलकर सोशल मीडिया स्टार बनने और फिर एक बड़े विवाद का शिकार होने तक, यहाँ है अनीता बिश्नोई की A to Z कहानी:
मूल निवासी: अनीता (उम्र 32 वर्ष) मूल रूप से राजस्थान के जैसलमेर के लाठी गांव की रहने वाली हैं, लेकिन वर्तमान में वे जोधपुर के बनाड़ थाना क्षेत्र के शिकारगढ़ इलाके में रहती हैं।
पारिवारिक पृष्ठभूमि: वे एक अत्यंत साधारण, पारंपरिक और संस्कारी किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वे बिश्नोई समुदाय से आती हैं, जो पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।
वैवाहिक जीवन: अनीता विवाहित हैं. उनके पति का नाम दीनाराम बिश्नोई है, जो लाठी में खेती और ट्यूबवेल का काम संभालते हैं।
शुरुआत (2018): अनीता ने साल 2018 के आसपास सोशल मीडिया पर छोटे-मोटे वीडियो डालना शुरू किया था। शुरुआती दिनों में वे राजस्थानी संस्कृति और पारंपरिक गीतों पर वीडियो बनाती थीं।
पहला बड़ा ब्रेक (2022): साल 2022 में हनुमान जी के एक भजन "हनुमान हठीला" पर गाते हुए उनका एक वीडियो ज़बरदस्त वायरल हुआ, जिसे करीब 30 लाख (3 मिलियन) व्यूज मिले। इसके बाद उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ने लगी।
पति का साथ: अनीता की लगन को देखकर उनके किसान पति दीनाराम ने भी उनका पूरा साथ दिया। दीनाराम ने बकायदा यूट्यूब ट्यूटोरियल देखकर वीडियो एडिटिंग सीखी और वे खुद अनीता के वीडियो एडिट करने लगे।
शहरी और बनावटी लाइफस्टाइल से दूर, अनीता ने अपनी असल ग्रामीण जिंदगी को ही अपना कंटेंट बनाया:
खेतों का देसी अंदाज़: वे खेतों की धूल-मिट्टी में काम करते हुए असली वीडियो बनाती थीं।
ट्रैक्टर ड्राइविंग: उनके भारी-भरकम ट्रैक्टर चलाते हुए खेत जोतने (हल चलाने), फसलों की बुवाई और सिंचाई करने के हैरतअंगेज वीडियो बहुत वायरल हुए।
राजस्थानी संस्कृति: पारंपरिक पहनावे (घाघरा-चोली और राजस्थानी घूंघट) में लोक गीतों और सामाजिक जागरूकता पर वीडियो बनाना उनकी पहचान बन गया।
देखते ही देखते अनीता की फैन फॉलोइंग लाखों में पहुँच गई:
फेसबुक: करीब 1.4M से अधिक फॉलोअर्स।
इंस्टाग्राम: 7 लाख 34 हजार से अधिक फॉलोअर्स।
अनीता की बेबाकी ही उनकी मुसीबत बन गई। कुछ सप्ताह पहले उन्होंने महिलाओं के कपड़ों के चयन पर एक वीडियो (रील) बनाया था।
बयान: रील में उन्होंने कहा था, "अगर कपड़े छोटे हो गए, तो शर्म कहां से आएगी?"
बहस और ट्रोलिंग: इस बयान के बाद सोशल मीडिया दो गुटों में बंट गया। कुछ लोगों ने उनकी पारंपरिक सोच का समर्थन किया, तो आधुनिक यूजर्स ने इसे महिलाओं की आजादी के खिलाफ बताते हुए उन्हें बुरी तरह ट्रोल करना शुरू कर दिया।
निजी हमले और बदनामी: इस विवाद का फायदा उठाकर सोशल मीडिया के ही कुछ अन्य क्रिएटर्स (जैसे मालाराम और अन्य) ने अनीता पर निजी हमले शुरू कर दिए और उनके चरित्र हनन की कोशिश की।
लगातार मिल रही धमकियों, भद्दे कमेंट्स और मानसिक प्रताड़ना से टूटकर अनीता ने 3 जून 2026 को अपने घर पर इंस्टाग्राम लाइव के दौरान जहर (कीटनाशक) खा लिया।
लाइव के दौरान उन्होंने रोते हुए कहा, "मैंने केवल छोटे कपड़ों को लेकर वीडियो बनाया था, अब मेरे साथ उठने-बैठने वाले ही मुझे बदनाम कर रहे हैं।"
फिलहाल वे जोधपुर के मथुरा दास माथुर (MDM) अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं, जहाँ डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत अब स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है। एक साधारण ग्रामीण परिवेश की महिला जो ट्रैक्टर चलाकर महिलाओं के सशक्तिकरण का चेहरा बनी थी, वह सोशल मीडिया की नफरत और 'साइबर बुलिंग' की एक दुखद कहानी बनकर रह गई।