अब तृणमूल कांग्रेस के एक और सांसद बापी हलदर पर हमला हुआ है। गुस्साई भीड़ ने हलदर के दफ्तर में जमकर तोड़फोड़ की। भीड़ का आरोप है कि हलदर ने जमाखोरी की। पढ़ें पूरी खबर...
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार आने के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी पर हमले के बाद टीएमसी सांसद बापी हलदर भी लोगों के निशाने पर आ गए हैं। भीड़ ने दक्षिण 24 परगना जिले के मथुरापुर में सांसद बापी हलदर के दफ्तर को निशाना बनाया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हिंसक भीड़ ने दफ्तर की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिये। साइनबोर्ड और फर्नीचर को चकनाचूर कर दिया।
आक्रोशित भीड़ ने सांसद बापी हलदर पर आरोप लगाया कि उन्होंने राहत सामग्री की जमाखोरी की। जनता के बीच उन्हें नहीं बांटा। आम लोगों को इससे दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, यह खबर इलाके में आग की तरह फैली और लोगों ने तृणमूल के दफ्तर पर धावा बोल दिया। साथ ही, दफ्तर में मौजूद राहत सामग्री पर कब्जा कर लिया। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने जमकर नारेबाजी की। इससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर हो रहे लगातार हमले के चलते राज्य में बयानबाजी का दौर भी जारी है। पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने भी इस मामले में बीजेपी पर हमला बोला है। टीएमसी और बीजेपी दोनों ही एक दूसरे पर राजनीतिक हिंसा भड़काने का आरोप लगा रहे हैं।
फर्जी हस्ताक्षर मामले में एसआईटी का हुआ गठन पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायकों के कथित फर्जी हस्ताक्षरों के मामले की जांच तेज कर दी है। इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय एसआईटी बनाई गई है। जानकारी के मुताबिक, टीम का नेतृत्व डीआईजी रैंक के एक अधिकारी कर रहे हैं। इसके अलावा टीम में एक डीएसपी और दो इंस्पेक्टर भी शामिल हैं।