
Aaj Ka Panchang 2 Feb 2026 : आज का पंचांग 2 फरवरी 2026
Aaj Ka Panchang 2 Feb 2026 : आज का पंचांग सोमवार, 2 फरवरी 2026 को शुभ-अशुभ समय, चौघड़िया, राहुकाल, दिशा शूल, तिथि, नक्षत्र, योग-करण तथा ग्रहों की स्थिति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि, नक्षत्र, नामाक्षर और स्वभाव की जानकारी भी दी गई है, जिससे नामकरण और भविष्य से जुड़े निर्णय सरल हो सकें। दिन की शुरुआत से लेकर सूर्यास्त तक कौन-सा समय शुभ है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। यह पंचांग आपको दैनिक जीवन के हर महत्वपूर्ण निर्णय में मार्गदर्शन देगा।
| क्रम | विवरण | जानकारी |
|---|---|---|
| 1 | विक्रम संवत् | 2082 |
| 2 | संवत्सर नाम | सिद्धार्थ |
| 3 | शक संवत् | 1947 |
| 4 | हिजरी सन् | 1447 |
| 5 | मुहम्मदी मास | 13 सावान |
| 6 | अयन | उत्तरायण |
| 7 | ऋतु | शिशिर ऋतु |
| 8 | मास | फाल्गुन (प्रारम्भ) |
| 9 | पक्ष | कृष्ण (प्रारम्भ) |
आज अमृत का चौघड़िया सूर्योदय से 8.37 तक रहेगा. शुभ का चौघड़िया 9.58 से 11.19 तक रहेगा, चर का चौघड़िया 2.02 से 3.23 तक रहेगा तथा लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 3.23 से सूर्यास्त तक रहेंगे. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
दिशा शूल - आज पूर्व में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पूर्व दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि पूर्व दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व दूध पीकर या दही व गुड़ का सेवन कर, शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारम्भ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 7.30 से 9.00 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो प्रातःकाल सूर्योदय कालीन सूर्य के दर्शन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
तिथि – प्रतिपदा तिथि रात्रि 1.53 तक होगी तदुपरान्त द्वितीया तिथि होगी ।
नक्षत्र – अश्लेषा नक्षत्र रात्रि 10.48 तक होगा तदुपरान्त मघा नक्षत्र होगा ।
योग – आयुष्मान योग प्रातः 7.21 तक रहेगा तदुपरान्त सौभाग्य योग अंतरात्रि 4.46 तक रहेगा तदुपरान्त शोभन योग रहेगा।
करण – बालव करण दिन 2.46 तक रहेगा तदुपरान्त कौलव करण रहेगा।
विशिष्ट योग - कुमारयोग रात्रि 10-48 से रात्रि 1-53 तक,
व्रत / दिवस विशेष – दस्तकार दिवस, ब्रज महोत्सव 3 दिन का प्रारंभ भरतपुर (राज.) में, गंडमूल संपूर्ण दिनरात्रि,
चन्द्रमा – आज रात्रि 10.48 तक कर्क राशि में होगा तदुपरान्त सिंह राशि में प्रवेश होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज रात्रि 10.48 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि कर्क होगी तदुपरान्त सिंह राशि होगी ।
आज रात्रि 10.48 त जन्म लेने वाले बच्चों का अश्लेषा नक्षत्र होगा तदुपरान्त मघा नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर डू , डे, डो, म, मी पर रखे जा सकते हैं।
कर्क राशि के स्वामी चन्द्र हैं. यह जल प्रधान राशि है. ये बहुत भावुक होते हैं. भावनाओं के आवेग में बहने के करण चंचल प्रकृति के और बार बार निर्णय बदलने वाले हो सकते हैं. सुन्दर व आकर्षक होते है. व्यवहार मिलनसार होता है. कला, संगीत, साहित्य प्रेमी, कल्पनाशील, धार्मिक, दयालु, सहृदय, ईमानदार होते हैं. ऐसे बच्चे सभी के मनोभावों को आसानी से समझने वाले होते हैं. ये प्राकृतिक सौंदर्य, कला-संगीत व् साहित्य में विशेष रूचि रखते हैं तथा सौंदर्यानुभूति भी विशेष रूप से रखते हैं।
सिंह राशि के स्वामी सूर्य है। इस राशि के बच्चे निडर, साहसी, दयालु, ऐश्वर्यशाली, शत्रुहन्ता होते हैं. ये अग्नि तत्व की राशि हैं, जिससे इनको गुस्सा जल्दी आ जाता हैं परंतु नर्म भी जल्दी हो जाते हैं। ये पराक्रमी व बुद्धिमान, उधमी, कर्मठ, निड़र, स्वतंत्र विचारों वाले होते हैं और बड़े काम से घबराते नहीं हैं। इनमें नैसर्गिक नेतृत्त्व क्षमता होती है
Published on:
01 Feb 2026 12:43 pm
