
सपा नेता मोईद खान फाइल फोटो सोर्स X अकाउंट
अयोध्या के भदरसा इलाके के चर्चित गैंगरेप मामले में अदालत का अहम फैसला सामने आया है। पॉक्सो प्रथम न्यायालय ने सपा नेता मोईद खान को आरोपों से बरी कर दिया है। जबकि उनके नौकर राजू खान को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा सुनाई गई है।
अयोध्या के भदरसा गैंगरेप केस में लंबे समय से चल रही सुनवाई के बाद पॉक्सो प्रथम न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया। कोर्ट ने सपा नेता मोईद खान को सभी आरोपों से बाइज्जत बरी कर दिया है। वहीं, इस मामले में उनके नौकर राजू खान को दोषी मानते हुए 20 साल की सजा और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
यह मामला 29 जुलाई 2024 को थाना पूराकलंदर क्षेत्र में दर्ज हुआ था। नाबालिग लड़की के गर्भवती होने के बाद इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने जांच के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर डीएनए जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में मोईद खान का डीएनए नमूना मेल नहीं खाया। जबकि राजू खान का डीएनए पीड़िता से मेल खाता पाया गया।
डीएनए रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर अदालत ने मोईद खान को दोषमुक्त कर दिया। हालांकि, बरी होने के बावजूद मोईद खान को फिलहाल जेल से रिहाई नहीं मिल सकी है। क्योंकि उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत अलग मामला दर्ज है। जिसकी कार्रवाई अभी जारी है। इस केस के दौरान प्रशासन ने मोईद खान की बेकरी और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर की कार्रवाई भी की थी। जो उस समय काफी चर्चा में रही। दूसरी ओर, कोर्ट ने राजू खान की जमानत याचिका खारिज कर दी। और दोषी ठहराए जाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। इस फैसले के बाद मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। वहीं पीड़िता को न्याय मिलने की बात कही जा रही है।
Published on:
29 Jan 2026 06:22 pm
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