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कांग्रेस माता-बहनों को मानती है भोग-विलास की वस्तु-सीएम

मुख्यमंत्री ने उकवा में चुनावी सभा को किया संबोधित

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बालाघाट. प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को बालाघाट के उकवा में चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जुबानी हमला बोला। केन्द्र और राज्य सरकार की उपलब्धि गिनाई।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्र पर्व चल रहा है। नवरात्र में शक्ति, माता-बहनों की पूजा ऐसे ही नहीं करते हैं। हमारी माता-बहनों के प्रति श्रद्धा, आस्था है। माता-बहनों को सदैव सिर झुकाकर प्रणाम करते हैं, ये भाजपा की संस्कृति है। इसके उलट कांग्रेस के लोग माता-बहनों को भोग विलास की वस्तु मानते हैं। उनके मुंह से निकलने वाली भाषा माता-बहनों को लगती है, उनकी इज्जत कम करती है। सीएम ने इसके पूर्व रानी दुर्गावती, रानी अवंती बाई लोधी के संघर्षों के बारे में भी जानकारी दी।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कमलनाथ पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बगल के छिंदवाड़ा में एक बड़ा नेता है, उनका बेटा चुनाव लड़ रहा है। कांग्रेस के 13 माह की सरकार में उन्होंने छिंदवाड़ा में एक बड़ा आयोजन किया। मुंबई से बड़ी अभिनेत्री बुलाई, आईफा अवार्ड किया। जबकि हमारे यहां नवरात्र पर्व का आनंद मनता है। वर्ष में दो बार नवरात्र पर्व आता है। पूरा देश शक्ति संचय करके पर्व को मनाने आगे आता है। इस देश के लोग पवित्रता से माता-बहनों की संस्कृति मानने वाले हैं। दुनिया में ऐसा कोई भी देश नहीं है। एक मात्र भारत देश है, जहां माता-बहनों का सम्मान होता है। अमेरिका, इंगलैंड सहित दुनिया के 200 से ज्यादा देश माता-बहनों को माता नहीं मानते। भारत ही एक ऐसा देश है, जहां मातृसत्ता की ताकत को मानते हैं। जो जय-जयकार करता है वो अपनी मातृशक्ति में विश्वास करता है। ये हमारी आस्था है, भावना है। उनके लिए (कांग्रेस) वो भोग विलास की वस्तु मानते हैं। जैसी दृष्टि, वैसी सृष्टि। उनकी दृष्टि उनको मुबारक। वे कहते हैं माता-बहनों की इज्जत करते हैं। जबकि वे कदम-कदम पर माता-बहनों की इज्जत उतारते हैं। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 6-6 बहनों को टिकट दिया। कांग्रेस ने एक टिकट दिया है, वो भी बड़ी मुश्किल से। ये उनकी दृष्टि है। वो कहते हैं आदिवासियों का भला करेंगे, आदिवासियों को अपने से जोडऩे की बात कहते है। 55-60 वर्ष कांग्रेस की सरकार रही। अपने कार्यकाल में किसी भी आदिवासी को मुख्यमंत्री नहीं बनाया। देश का राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री भी नहीं बनाया। यह पाप, कलंक कांग्रेस के माथे पर है। पीएम नरेंद्र मोदी ने आदिवासी बहन द्रोपदी मुर्मु को राष्ट्रपति बनाया। देश के अंदर सबसे बड़ा पद दिया, सबसे बड़ी इज्जत दी। माता-बहनों की इज्जत भी की। भाजपा इस तरह से महिलाओं का सम्मान करती है। इसके अलावा उन्होंने अनेक बातें कही।