13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

icon

वीडियो

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

नक्सल प्रभावित क्षेत्र-मतदान केन्द्रों के अमले को मिलेगी विशेष मेडिकल किट

आपदा में संचार, उपचार के लिए तैयार की गई योजना

2 min read
Google source verification
14_balaghat_110.jpg


बालाघाट. जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों में अप्रिय घटना में किसी भी मतदान दल या निर्वाचन कार्य में कोई बाधा न पहुंचे इसके लिए भी प्रशासन तैयार है। जिला निर्वाचन कार्यालय आपदा प्रबंधन के लिए संचार और उपचार के सारे बंदोबस्त कर रहा है।
रविवार को जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने स्वास्थ्य विभाग, जिला पंचायत और राजस्व विभाग, एआरओ के साथ एक बैठक आयोजित की। बैठक में सभी विषयों पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने ऐसे शासकीय कर्मी जो मतदान दिवस के दिन केंद्र पर रहेंगे, उन्हें भी विशेष रुप से निर्देशित किया है। जिले में ऐसे 58 मतदान केंद्रों के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी ऐतिहात बरती जाएगी। मतदान केंद्रों पर ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार किया जा सके। इसके लिए केंद्रों पर विशेष मेडिकल किट उपलब्ध रहेगा। मतदान केंद्रों के आस-पास के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, पीएचसी व एसएचसी पर सूचीबद्ध की गई दवाइयों को जांचने के निर्देश दिए है। अगर केंद्रों पर उपलब्ध नहीं है तो डिमांड कर ले।
जिला अस्पताल, गोंदिया, जबलपुर और नागपुर के अस्पताल किए आरक्षित
कलेक्टर ने सीएमएचओ, एडीएम को निर्देश दिए है जिन अस्पतालों को आरक्षित रखा जा रहा है, उन्हें आज ही पत्र भेजे। जबलपुर मेडिकल कॉलेज के अलावा सहयोग अस्पताल, मेडिट्रीना इंस्टिट्यूट और प्लेटिना हार्ट हॉस्पिटल को आकस्मिक उपचार के लिए आरक्षित किया गया है। साथ ही उन अस्पतालों के लिए पुलिस व अधिकारी को लाइजनिंग अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे संबंधित अस्पतालों के प्रबंधन से चर्चा करेंगे। इनके अलावा जिला अस्पताल में भी 10 आइसीयू बेड आरक्षित रखें जाएंगे। साथ ही तहसीलों के सिविल अस्पतालों व जनपद स्तरीय सामुदायिक केंद्रों में 5-5 बेड आरक्षित रखें जाएंगे। पूरे समय डॉक्टर्स नियुक्त रहेंगे।
बैठक सह प्रशिक्षण में कलेक्टर ने उन सभी सचिवों व जीआरएस को मतदान जल्दी कराने के तरीके सुझाए। उन्हें बताया गया कि दल के पहुंचने पर ही सारी तैयारियां रात में ही कर लेंगे। अभिकर्ताओं और गांव वाले मतदाताओं को पूर्व से ही जल्द मतदान के लिए सूचित करेंगे। यदि मतदान दलों की गति धीमी है तो सेक्टर को सूचना करके अतिरिक्त अधिकारी की मांग करेंगे। साथ ही शाम का भोजन तैयार करके बसों में ही रखेंगे।
बैठक में जिपं सीईओ डीएस रणदा, एडीएम जीएस धुर्वे, उप जिला निर्वाचन अधिकारी केसी ठाकुर, सीएमएचओ डॉ. मनोज पांडे, सिविल सर्जन डॉ. दबडगांव, समस्त बीएमओ, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के सचिव व जीआरएस उपस्थित रहे।