
बरेली। चाइनीज मांझे से हो रही मौतों पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तेवर क्या बदले, बरेली पुलिस एक्शन मोड में आ गई। गुरुवार को एसएसपी अनुराग आर्य के आदेश पर किला थाना क्षेत्र के बाकरगंज में मांझा बेचने वाली दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। एसपी सिटी मानुष पारीक खुद टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सीओ सेकेंड सोनाली मिश्रा समेत कई थानों की फोर्स ने पूरे इलाके को घेर लिया। अचानक हुई कार्रवाई से बाजार में हड़कंप मच गया।
प्रदेश में चाइनीज मांझे से लगातार हो रहे हादसों और मौतों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा संदेश दिया है। साफ शब्दों में कहा गया है कि प्रतिबंध के बावजूद अगर चाइनीज मांझा बिक रहा है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय है। मुख्यमंत्री ने पुलिस अफसरों को छापेमारी तेज करने और सप्लाई चेन का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं, चाइनीज मांझे से होने वाली मौत को हत्या मानते हुए कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के संकेत भी दिए गए हैं।
इसी महीने इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए साफ किया था कि चाइनीज मांझे पर पहले से लगे प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए। मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की पीठ ने कहा था कि पतंगबाजी के चरम सीजन में प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि मानव और पक्षियों की जान जोखिम में डालने वाला मांझा बाजार में न पहुंचे। अदालत ने 2015 के अपने पुराने आदेश की भी याद दिलाई, जिसमें निर्माण, बिक्री और उपयोग पर रोक लगाने को कहा गया था।
चाइनीज मांझा न सिर्फ बाइक सवारों और राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है, बल्कि बड़ी संख्या में पक्षियों की भी जान ले चुका है। कई दर्दनाक हादसों के बाद सरकार और प्रशासन की यह सख्ती सामने आई है। बरेली में शुरू हुआ यह अभियान अब प्रदेशभर में और तेज होने के संकेत हैं। साफ है अब मौत का मांझा बेचने और इस्तेमाल करने वालों पर कड़ा शिकंजा कसने की तैयारी है।
संबंधित विषय:
Updated on:
05 Feb 2026 06:10 pm
Published on:
05 Feb 2026 06:09 pm
बड़ी खबरें
View Allबरेली
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
