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अफसरशाही की मनमानी पर बगावत, दुकानदारों ने महापौर को घेरा, धमकी और वसूली के लगाए आरोप

नगर निगम की दुकानों के किराएदारों का सब्र सोमवार को जवाब दे गया। पार्षद राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में सैकड़ों दुकानदार नगर निगम पहुंच गए और सीधे महापौर डॉ. उमेश गौतम से मुलाकात कर जमकर नाराजगी जाहिर की।

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बरेली। नगर निगम की दुकानों के किराएदारों का सब्र सोमवार को जवाब दे गया। पार्षद राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में सैकड़ों दुकानदार नगर निगम पहुंच गए और सीधे महापौर डॉ. उमेश गौतम से मुलाकात कर जमकर नाराजगी जाहिर की।

दुकानदारों की ओर से बात रखते हुए पार्षद राजेश अग्रवाल ने दो टूक कहा कि अगर नगर निगम से कोई गलत प्रस्ताव पारित हो जाता है तो उसे सुधारने की जिम्मेदारी भी नगर निगम की ही है। उन्होंने सवाल उठाया कि नई दुकानों के आवंटन में जहां किराया और प्रीमियम कम रखा जाता है, वहीं पुराने दुकानदारों से अधिक किराया क्यों वसूला जा रहा है।

पुराने दुकानदारों पर दोहरी मार का आरोप

राजेश अग्रवाल ने कहा कि पुराने दुकानदार अगर नामांतरण कराना चाहें तो उनसे नई दुकान के मुकाबले कहीं अधिक प्रीमियम वसूला जा रहा है। उन्होंने इसे सीधा अन्याय बताते हुए कहा कि नगर निगम की नीतियां पुराने दुकानदारों को जबरन आर्थिक बोझ में झोंक रही हैं।

राजस्व निरीक्षक पर धमकी और अवैध वसूली के गंभीर आरोप

दुकानदारों ने महापौर के सामने राजस्व निरीक्षक टिंकू सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। कहा गया कि निरीक्षक दुकानदारों को दुकान सील करने की धमकी देकर भयभीत कर रहे हैं। आरोप है कि मोटी रकम लेकर दुकानों का गलत तरीके से नामांतरण किया जा रहा है, जिसकी न तो कार्यकारिणी को जानकारी दी जा रही है और न ही बोर्ड को। मुलाकात के दौरान यह मुद्दा भी उठाया गया कि कमेटी की एक बैठक पहले ही हो चुकी है, लेकिन अब तक उसका कार्यवृत्त जारी नहीं किया गया। दुकानदारों ने इसे जानबूझकर की जा रही लापरवाही करार दिया और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए।

कमेटी को दरकिनार कर चल रही मनमानी

पार्षद सलीम पटवारी ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि बिना कमेटी को संज्ञान में लिए राजस्व निरीक्षक एकतरफा कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह पूरी व्यवस्था मनमानी और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है। दुकानदारों और पार्षदों ने एक सुर में मांग की कि बोर्ड बैठक तत्काल बुलाई जाए, ताकि पूरे मामले पर खुलकर चर्चा हो और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सके।