
लूणी नदी में बह गई ग्रेवल सड़क (फोटो- पत्रिका)
बालोतरा: समदड़ी तहसील क्षेत्र में अजीत-मजल गांवों के बीच लूणी नदी में रपट का अभाव ग्रामीणों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गया है। नदी वाले हिस्से में बनी ग्रेवल सड़क बरसाती पानी के साथ टूटकर बह जाने से अजीत और मजल के बीच सीधा आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।
बता दें कि इससे मजल और अजीत सहित आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को एक-दूसरे तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। परिणामस्वरूप रोजमर्रा के कामकाज में समय, धन और संसाधनों की अनावश्यक बर्बादी हो रही है।
अजीत और मजल दोनों ही पुरानी व बड़ी ग्राम पंचायतें हैं, जो लूणी व सुकड़ी नदी के दोनों किनारों पर स्थित हैं। अजीत में रेलवे स्टेशन होने के कारण मजल व आसपास के गांवों के ग्रामीण जोधपुर, बालोतरा व बाड़मेर की यात्रा के लिए यहां आते हैं। वहीं, अजीत और क्षेत्र के अन्य गांवों के ग्रामीण पाली व भाद्राजून जाने के लिए मजल पहुंचकर बस पकड़ते हैं। लेकिन अजीत-मजल के बीच रपट नहीं होने से आवागमन में भारी दिक्कतें हो रही हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि नदी में बना ग्रेवल मार्ग पानी के बहाव में टूटकर बिखर गया है। मार्ग पर जगह-जगह गहरे खड्डे होने से लंबे समय से आवागमन बंद है। इससे खेजडियाली, गिराद का ढाणा, तेज सिंह की ढाणी, भलरों का बाड़ा, चारणों का बाड़ा, देवनगर, ठाकरखेड़ा, बरवा, रातड़ी, ढीढस, खंरटिया, कम्मों का बाड़ा सहित कई गांव प्रभावित हैं।
सामान्य स्थिति में अजीत-मजल की दूरी करीब 7 किलोमीटर है, लेकिन मार्ग टूटने के बाद ग्रामीणों को महेशनगर व समदड़ी होकर 15 से 22 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों में सरकार और जनप्रतिनिधियों की ओर से इस महत्वपूर्ण मार्ग पर रपट निर्माण को लेकर रुचि नहीं लेने को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि लूणी नदी में रपट का निर्माण हो जाए तो दर्जनों गांवों के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी और क्षेत्रीय संपर्क सुगम हो सकेगा।
अजीत-मजल के बीच नदी का ग्रेवल मार्ग पूरी तरह टूट चुका है। आवागमन बंद होने से महेशनगर होकर मजल जाना पड़ता है, जिससे रोजमर्रा के कामों में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। सरकार को यहां शीघ्र रपट बनानी चाहिए।
-कपिल सोनी, अजीत
अजीत रेलवे स्टेशन होने के कारण जोधपुर, बालोतरा व बाड़मेर जाने के लिए यहां आना पड़ता है, लेकिन मार्ग टूटने से समदड़ी जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ रही है। इससे अतिरिक्त दूरी और परेशानी बढ़ गई है।
-नरेंद्र सिंह, मजल
पाली व भाद्राजून जाने के लिए मजल पहुंचना जरूरी है। अजीत-मजल मार्ग टूटने से दर्जनों गांव प्रभावित हैं। लूणी नदी में रपट बनने से ग्रामीणों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
-सूखवीर सिंह भाटी, खेजडियाली
Published on:
30 Jan 2026 02:09 pm
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