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साध्वी प्रेम बाईसा का आज अंतिम संस्कार, परेऊ में दी जाएगी समाधि, बाजार बंद, पूरे गांव में शोक की लहर

साध्वी प्रेम बाईसा का बुधवार को जोधपुर के निजी अस्पताल में निधन हो गया। उनका शव गुरुवार शाम पैतृक गांव परेऊ लाया गया। आज शिव शक्ति धाम में अंतिम संस्कार और समाधि की जाएगी। मौत संदिग्ध बताई जा रही है, पुलिस जांच कर रही है।

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Sadhvi Prem Baisa Death
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Sadhvi Prem Baisa Death (Patrika Photo)

गिड़ा (बाड़मेर): प्रख्यात कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की पार्थिव देह गुरुवार शाम जब उनके पैतृक गांव परेऊ पहुंची, तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार को जोधपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया था। उनके अंतिम दर्शनों के लिए ग्रामीणों और अनुयायियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

साध्वी के सम्मान में परेऊ कस्बे के व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान स्वतः स्फूर्त बंद रखे, जिससे पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। जैसे ही शव वाहन शिव शक्ति धाम (साईयों की ढाणी) पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। अपनी बेटी की पार्थिव देह देख पिता विरमनाथ सुध-बुध खो बैठे और अचेत होकर गिर पड़े, जिन्हें स्थानीय लोगों ने संभाला।

आज दी जाएगी समाधि

पूर्व सरपंच पर्बत सिंह महेचा ने बताया कि शुक्रवार सुबह शिव शक्ति धाम आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा के अंतिम संस्कार और समाधि की प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। मौके पर सरपंच बांकाराम सहित जिले के कई गणमान्य नागरिकों ने पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। बाल्यकाल से ही धर्म मार्ग पर चलने वाली साध्वी के निधन से न केवल गिड़ा क्षेत्र, बल्कि पूरे जिले के श्रद्धालु स्तब्ध हैं।

साध्वी प्रेम बाईसा की मृत्यु बनी रहस्य

कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत दूसरे दिन भी एक पहेली बनी हुई है। जोधपुर के पाल क्षेत्र स्थित आरती नगर आश्रम में हुए इस घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस हत्या, आत्महत्या और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

इंजेक्शन के बाद बिगड़ी तबीयत

मिली जानकारी के अनुसार, साध्वी मंगलवार को अजमेर में कथा संपन्न कर आश्रम लौटी थीं। बुधवार सुबह सांस लेने में तकलीफ होने पर एक कंपाउंडर ने उन्हें इंजेक्शन लगाया था। कुछ देर राहत मिलने के बाद शाम को तबीयत फिर बिगड़ी और पाल रोड स्थित निजी अस्पताल में शाम 5:50 बजे उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस उस कंपाउंडर और डॉक्टर से पूछताछ कर रही है जिन्होंने दवा दी थी।

परिजनों का व्यवहार और पुलिस की कार्रवाई

मामले में संदेह तब गहराया जब अस्पताल द्वारा शव मोर्चरी ले जाने के आग्रह के बावजूद, पिता बिरमनाथ शव को बिना पोस्टमार्टम कराए सीधे आश्रम ले गए। देर रात श्रद्धालुओं के भारी आक्रोश और एसीपी छवि शर्मा की समझाइश के बाद शव को महात्मा गांधी अस्पताल (MGH) की मोर्चरी भिजवाया गया। मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया गया है, हालांकि चिकित्सकों ने मृत्यु का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं किया है।

सोशल मीडिया पोस्ट और मोबाइल ने बढ़ाया संदेह

पुलिस ने साध्वी का मोबाइल कब्जे में लिया है, जो स्विच ऑफ पाया गया। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि मृत्यु के तीन-चार घंटे बाद साध्वी की सोशल मीडिया आईडी से उनके निधन की पोस्ट किसने और कैसे अपलोड की? चर्चा है कि यह पोस्ट उनके पिता ने की थी, जिसकी पुलिस तकनीकी जांच कर रही है।

श्रद्धालुओं में रोष, गांव में अंतिम संस्कार

गुरुवार को मोर्चरी के बाहर श्रद्धालुओं ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर तीव्र विरोध जताया। पोस्टमार्टम के बाद शव पैतृक गांव परेऊ ले जाया गया, जहां शुक्रवार को शिव शक्ति धाम में उन्हें समाधि दी जाएगी। पुलिस ने आश्रम स्थित घटना स्थल को सील कर दिया है और विसरा रिपोर्ट आने का इंतज़ार कर रही है, ताकि मौत के असल कारणों का खुलासा हो सके।