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एसटीआरएफ चीफ राखी नंदा की अगुवाई में भी तेंदुआ पकड़ से बाहर, पुन: बुलाए हाथी

एसटीआर और वन विभाग के संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन फिर रहे नाकाम, ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश बैतूल/भौंरा। भौंरा क्षेत्र में पिछले एक माह से गांव और जंगल की सीमा पर खुलेआम घूम रहा तेंदुआ अब तक वन विभाग और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व फोर्स (एसटीआरएफ) की पकड़ से बाहर बना हुआ है। तेंदुए की मौजूदगी की […]

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एसटीआर और वन विभाग के संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन फिर रहे नाकाम, ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश

बैतूल/भौंरा। भौंरा क्षेत्र में पिछले एक माह से गांव और जंगल की सीमा पर खुलेआम घूम रहा तेंदुआ अब तक वन विभाग और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व फोर्स (एसटीआरएफ) की पकड़ से बाहर बना हुआ है। तेंदुए की मौजूदगी की लगातार मिल रही सूचनाओं और ग्रामीणों की शिकायतों के बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी, जिसका नतीजा शुक्रवार शाम एक मासूम बालक पर हमले के रूप में सामने आया। गंभीर रूप से घायल बालक का उपचार भोपाल एम्स में जारी है। घटना के बाद हालात की गंभीरता को देखते हुए स्वयं एसटीआरएफ चीफ राखी नंदा ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली, लेकिन रविवार को दिनभर चली सघन सर्चिंग और संयुक्त अभियान के बावजूद तेंदुआ पकड़ा नहीं जा सका। इस असफलता ने वन विभाग की रणनीति और तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं ग्रामीणों में भय के साथ-साथ आक्रोश भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
शनिवार को स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शासन और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर तेंदुए को जल्द पकडऩे की मांग की थी। इसके बाद रविवार को एसटीआर की टीम ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन यह प्रयास भी विफल रहा। सहायक संचालक विनोद वर्मा के अनुसार, एसटीआर और स्थानीय वन विभाग के 50 से अधिक कर्मचारियों ने दो हाथियों की मदद से तेंदुए को पकडऩे की कोशिश की। भोपाल और रातापानी से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन चिरमाटेकरी की पहाड़ी में तेंदुए के छिपे होने के कारण शाम तक चली कार्रवाई बेनतीजा रही। लगातार नाकामी से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती दिखाई जाती तो बालक पर हमला टल सकता था। अब वन विभाग की हर कार्रवाई संदेह के घेरे में है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द तेंदुए को पकड़ा नहीं गया, तो वे स्वयं उसकी तलाश करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
एसटीआर चीफ राखी नंदा ने संभाली कमान
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीआर की मुख्य वन संरक्षक राखी नंदा ने स्वयं अभियान की कमान संभाल ली है। जंगल और गांव की सीमाओं में सघन सर्चिंग शुरू कर दी गई है। पगमार्क, सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन और पिंजरों की मदद से तेंदुए की निगरानी की जा रही है। राखी नंदा मौके पर मौजूद रहकर अधिकारियों को निर्देश दे रही हैं। इससे पहले सारणी क्षेत्र में टाइगर के सफल रेस्क्यू के कारण इस बार भी विभाग को सफलता की उम्मीद है।
सतर्क रहने की अपील, पर भरोसा डगमगाया
वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने, बच्चों को अकेले बाहर न भेजने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। हालांकि लगातार हो रही चूक और रेस्क्यू में विफलता के कारण ग्रामीणों का भरोसा कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। एक माह से तेंदुए की दहशत में जी रहे ग्रामीण अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर कब वन विभाग तेंदुए को पकडकऱ क्षेत्र को सुरक्षित बना पाएगा।