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Bharatpur : भरतपुर के पूर्व राजघराने से सुखद खबर, आखिरकार पिता-पुत्र में हो गई सुलह!

Bharatpur : भरतपुर के पूर्व राजघराने से सुखद खबर आई है। आखिर पिता-पुत्र में सुलह हो गई है। भरतपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह व उनके पुत्र अनिरूद्ध सिंह के बीच समझौता हो गया है। खुद विश्वेंद्र सिंह ने बेटे के साथ एक फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की है।

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former royal family Bharatpur big news Father Vishvendra Singh and son Anirudh Singh have finally reached a reconciliation

भरतपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह व उनके पुत्र अनिरूद्ध सिंह। फोटो पत्रिका

Bharatpur : भरतपुर के पूर्व राजघराने से सुखद खबर आई है। आखिर पिता-पुत्र में सुलहनामा हो गया है। भरतपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह व उनके पुत्र अनिरूद्ध सिंह के बीच सुलह हो गई है। विश्वेंद्र सिंह व पुत्र अनिरूद्ध सिंह की मंगलवार को जवाहर रिसोर्ट में मुलाकात हुई। खुद विश्वेंद्र सिंह ने बेटे के साथ एक फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की है। सोशल मीडिया पोस्ट पर विश्वेंद्र सिंह ने लिखा है कि आज जवाहर रिजॉर्ट में बहुत दिनों बाद मेरे बेटे युवराज अनिरूद्ध सिंह से सुखद मुलाकात हुई।

यह भी सामने आया है कि हमेशा कुछ ना कुछ पोस्ट कर सुर्खियों में रहने वाले अनिरूद्ध भरतपुर अब शांत नजर आ रहे थे। साथ ही विश्वेंद्र सिंह हाल में ही मोती महल में स्थापित एक तोप के साथ फोटो भी पोस्ट कर चुके थे।

किसी में हिम्मत है तो रोक के दिखा देना मुझे

पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने 29 जनवरी को पोस्ट किया था कि भरतपुर के पूर्व राजपरिवार में पिछले पांच साल से चला आ रहा पारिवारिक विवाद सुलझने के कगार पर था कि मेरी पत्नी व बेटे ने भरतपुर का रियासतकालीन झंडा अभी तक नहीं लगाने दिया, जिसकी वजह से ये विवाद फिर से उलझ गया है। या तो मेरी पत्नी व बेटा भरतपुर रियासत के झंडे को फिर से लगा दें नहीं तो मैं स्वयं 13 फरवरी को महाराजा सूरजमलजी के जन्मदिवस के अवसर पर खुद मोती महल जाके रियासतकालीन झंडा लगाऊंगा। हालांकि रियासतकालीन झंडे की रस्सी व तार काट दिया गया है, मैं तब भी झंडे को फहरा के आऊंगा। किसी में हिम्मत है तो रोक के दिखा देना मुझे।

यह था पूरा प्रकरण

वहीं अगस्त 2025 में पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने रियासत का झंडा मोती महल से हटाने का विरोध करते हुए आमजन को जानकारी दी। 21 सितंबर 2025 को मोती महल आने का निमंत्रण जाट सरदारी ने दिया। इसमें झंडा लगाना तय किया गया था।

बेटे अनिरूद्ध सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया

इसी बीच अनिरूद्ध सिंह ने वहां उस स्थान पर राष्ट्रीय ध्वज फहरा दिया। ऐसे में पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने महापंचायत स्थगित कर दी। उसी रात को जाट नेता मनुदेव सिनसिनी ने गाड़ी से महल का गेट तोड़ और अंदर घुसकर रियासतकालीन झंडा लगाया। मोती महल के गेट को तोड़कर अंदर प्रवेश करने के मामले को लेकर अनिरुद्ध सिंह ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें अभी मथुरा गेट थाना पुलिस मनुदेव सिनसिनी, संतोष फौजदार, दिनेश सिनसिनी, भगत सिंह और दौलत के खिलाफ धारा 458 के तहत दर्ज केस की जांच कर रही है।

पत्नी व बेटे पर न्यायालय में वाद

पूर्व में विश्वेंद्र सिंह ने भरण पोषण अधिनियम के तहत न्यायालय में वाद दायर किया था। इसके बाद पूर्व राजपरिवार के सदस्य एवं पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने 7 जून 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें लॉकर से बिना उनकी स्वीकृति पत्नी व बेटे पर करोड़ों रुपए के आभूषण निकाल लेने का आरोप लगाया था। साथ ही पत्नी व बेटे भी प्रॉपर्टी को लेकर आरोप लगा चुके हैं।