
A new vision for women's empowerment: Women's trade centers should be established in every district of the state.
राजस्थान को 'सशक्त नारी-आत्मनिर्भर प्रदेश' बनाने की दिशा में भजनलाल सरकार के आगामी बजट 2026 के माध्यम से प्रदेश के हर जिले में एक वुमन ट्रेड सेंटर खोलने का प्रस्ताव दिया है। ताकि इस सेंटर के माध्यम से महिलाएं अपना व्यापार कर सकें। कल्याणी फाउंडेशन ने महिलाओं को व्यावसायिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर 'वुमन ट्रेड सेंटर' स्थापित करने का क्रांतिकारी बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। फाउंडेशन की अध्यक्ष दिव्या बोरदिया के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू के माध्यम से मुख्यमंत्री को यह प्रोजेक्ट रिपोर्ट सौंपी है।
प्रदेश व्यापी खाका प्रस्ताव के अनुसार इस योजना की शुरुआत भीलवाड़ा से करने का सुझाव दिया गया है। आरके कॉलोनी स्थित ग्रामीण हाट परिसर जो वर्तमान में केवल कभी-कभार मेलों के काम आता है, उसे 42 करोड़ की लागत से 3 मंजिला व्यापारिक केंद्र में बदलने का मॉडल तैयार किया गया है। यदि राज्य के सभी जिलों में यह मॉडल लागू होता है, तो यह करीब 1500 करोड़ रुपए का निवेश होगा, जो 10-11 वर्षों में खुद की लागत निकाल कर आत्मनिर्भर बन जाएगा।
असंगठित से औपचारिक अर्थव्यवस्था की ओर फाउंडेशन की अध्यक्ष दिव्या बोरदिया का कहना है कि वर्तमान में हजारों महिलाएं घरों या असुरक्षित स्थानों से व्यापार कर रही हैं। लखपति दीदी और स्वयं सहायता समूहों के पास उत्पाद तो बेहतरीन हैं, लेकिन प्रीमियम कामर्शियल प्लेटफॉर्म नहीं है। यह सेंटर महिलाओं को एक सुरक्षित और आधुनिक ईकोसिस्टम प्रदान करेगा। इससे प्रदेश की जीडीपी में महिलाओं की भागीदारी ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचेगी।
जिला कलक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री को पत्र भेजने के लिए प्रस्ताव सौंपने के दौरान बोरदिया के साथ रुचि अग्रवाल, सुरभि चोरडिया, सुमता जैन, मोनिका सोनी और प्रीति सिंघावत मौजूद रहीं। उन्होंने कलेक्टर से आग्रह किया कि प्रशासन की ओर से भी इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री तक मजबूती से भेजा जाए ताकि भीलवाड़ा महिला सशक्तिकरण का देशव्यापी मॉडल बन सके।
Published on:
29 Jan 2026 09:46 am
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