
avedh bajari dohan
भीलवाड़ा। जिले में बनास नदी से बजरी खनन पर पूर्ण पाबंदी के सरकारी दावों की धज्जियां उड़ रही हैं। जिला मुख्यालय की 'नाक' के नीचे पुलिस और खनिज विभाग की कथित साठगांठ ने बजरी माफिया के लिए रेड कारपेट बिछा दिया है। जहां एक ओर पुलिस जहाजपुर में इक्का-दुक्का कार्रवाई कर अपनी पीठ थपथपा रही है, वहीं बड़लियास थाने के ठीक सामने से बुधवार पूरी रात अवैध बजरी से लदे डंपरों और ट्रैक्टर-ट्रालियों का काफिला बेखौफ गुजरता रहा।
थाने के सामने 'सलाम' ठोक निकलते डंपर
हैरानी की बात यह है कि जिस बड़लियास थाने पर एमबीसी के जवान तैनात हैं, वहां की पुलिस ने रातभर गुजरते इन बजरी से भरे अवैध वाहनों को रोकने की जहमत तक नहीं उठाई। सूत्रों की मानें तो खनिज विभाग और पुलिस की इस "मौनसहमति" ने माफिया के हौसले इतने बुलंद कर दिए हैं कि अब उन्हें कानून का कोई खौफ नहीं रहा। विभाग केवल एक-दो ट्रैक्टर पकड़कर खानापूर्ति कर रहा है, जबकि "बड़ेमगरमच्छ" (डंपर माफिया) खुलेआम निकल रहे हैं। https://www.dailymotion.com/video/x9ysqra
जब्त बजरी 'गायब', एमपी तक सप्लाई चेन
पारसोली के पास बड़ाखेड़ा गांव में माफिया के खेल का एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। कुछ समय पहले खनिज विभाग ने यहां अवैध बजरी का भारी स्टॉक जब्त किया था। लेकिन आज हकीकत यह है कि सरकारी निगरानी में रखी गई वह बजरी मौके से गायब है। माफिया अब इसी चोरी की बजरी को चित्तौड़गढ़ के रास्ते मध्य प्रदेश तक सप्लाई कर रहे हैं।
Published on:
29 Jan 2026 09:36 pm
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