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बजट: टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा को मायूसी, पूर्वोत्तर पर मेहरबानी; इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड धड़ाम

छोटे उद्योगों के बजट में कटौती से एमएसएमई सेक्टर को झटका केंद्रीय बजट 2026-27 में वस्त्र मंत्रालय के लिए आवंटित राशि ने देश की टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मोदी सरकार ने आगामी वित्त वर्ष के लिए वस्त्र मंत्रालय को 5,279.01 करोड़ रुपए का बजट दिया है, जो पिछले साल […]

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Budget: Textile city Bhilwara disappointed, Northeast receives preferential treatment; infrastructure fund takes a hit.

Budget: Textile city Bhilwara disappointed, Northeast receives preferential treatment; infrastructure fund takes a hit.

छोटे उद्योगों के बजट में कटौती से एमएसएमई सेक्टर को झटका

केंद्रीय बजट 2026-27 में वस्त्र मंत्रालय के लिए आवंटित राशि ने देश की टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मोदी सरकार ने आगामी वित्त वर्ष के लिए वस्त्र मंत्रालय को 5,279.01 करोड़ रुपए का बजट दिया है, जो पिछले साल के बजट अनुमान 5,272 करोड़ के मुकाबले ऊंट के मुंह में जीरा समान है। भीलवाड़ा के कपड़ा उद्यमियों के लिए सबसे बड़ी चिंता विलेज एंड स्मॉल इंडस्ट्रीज के बजट में की गई कटौती है।

भीलवाड़ा के लिए 3 बड़े झटके

1. छोटे उद्योगों का बजट घटाया

  • भीलवाड़ा में सैकड़ों लघु उद्योग हैं। बजट में विलेज एंड स्मॉल इंडस्ट्रीज का बजट 1,722 करोड़ से घटाकर 1,698.72 करोड़ रुपए कर दिया गया है। यह 1.39 प्रतिशत की गिरावट सीधे तौर पर छोटी इकाइयों के आधुनिकीकरण और सब्सिडी पर असर डालेगी
  • 2. इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ब्रेक
  • पूंजीगत व्यय, इससे नए टेक्सटाइल पार्क या बड़ी मशीनरी का ढांचा तैयार होता है, उसे 42.42 करोड़ (2024-25 वास्तविक) से घटाकर मात्र 9.49 करोड़ रुपए कर दिया गया है। यानी सरकार नए निर्माण पर लगभग न के बराबर खर्च करेगी।
  • 3. बड़ी इंडस्ट्रीज के लिए भी सूखा
  • बड़ी टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज के लिए 3,369.14 करोड़ रुपए रखे गए हैं। पिछले साल के बजट (3,350.98 करोड़) के मुकाबले यह सिर्फ 0.54 प्रतिशत की नाममात्र बढ़ोतरी है। महंगाई दर को देखें तो यह वास्तव में निगेटिव ग्रोथ है।

पूर्वोत्तर को 16 प्रतिशत ज्यादा, राजस्थान को सिर्फ इंतजार

बजट आंकड़ों में क्षेत्रीय असमानता साफ दिख रही है। एक तरफ जहां मुख्य टेक्सटाइल हब भीलवाड़ा, सूरत, तिरुपुर के लिए बजट स्थिर है, वहीं नार्थ ईस्टर्न एरिया के लिए बजट 124.89 करोड़ से बढ़ाकर 145.89 करोड़ कर दिया गया है। इसमें 16.81 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी की गई है। भीलवाड़ा के उद्यमियों का कहना है कि सरकार का फोकस अब पारंपरिक कपड़ा केंद्रों के बजाय नए क्षेत्रों पर शिफ्ट हो रहा है।

आंकड़े बोल रहे हैं सच

  • कुल बजट: 5,279.01 करोड़ (लगभग स्थिर)
  • राजस्व खर्च: 99.8 प्रतिशत (सिर्फ सैलरी और पुरानी स्कीमों के लिए)
  • कैपिटल खर्च: मात्र 0.2 प्रतिशत (नए विकास के लिए कुछ नहीं)

बजट डायरी: उम्मीदें वर्सेज हकीकत

  • सेक्टर बजट 2026-27 अंतर (पिछले बजट से) असर
  • इंडस्ट्रीज 3,369.14 0.54 प्रतिशत (स्थिर) बड़े मिलों को कोई नई प्रोत्साहन राशि नहीं।
  • लघु उद्योग 1,698.72 -1.39 प्रतिशत (गिरावट) पावरलूम या छोटे स्तर पर हैं, उन्हें नुकसान।
  • पूर्वोत्तर क्षेत्र 145.89 16.81% (बंपर) निवेश, राजस्थान से बाहर जाने का डर।