
Rajasthan Budget 2026 (Photo-AI)
Bhilwara Budget News: वस्त्रनगरी भीलवाड़ा के औद्योगिक विकास को राज्य बजट में नई रफ्तार मिली है। टेक्सटाइल उद्यमियों की लंबे समय से चली आ रही लॉजिस्टिक्स और परिवहन की समस्या को दूर करते हुए सरकार ने कान्याखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए खजाना खोल दिया है। बजट घोषणा के अनुसार, यहां लॉजिस्टिक पार्क के पहुंच मार्ग और अन्य विकास कार्यों पर करीब 125 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे।
सड़कों का जाल बिछने से अब उद्यमियों के लिए माल परिवहन सुगम होगा। इससे समय और लागत दोनों की बचत होगी। इसके साथ ही, 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के तहत सिंगल विंडो 2.0 और रिप्स में डिजिटलाइजेशन की घोषणा ने निवेशकों के चेहरे खिला दिए हैं।
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए रिप्स योजना के तहत मिलने वाले वित्तीय प्रोत्साहन की प्रक्रिया को अब पूर्णतः डिजिटल कर दिया गया है। इससे टेक्सटाइल निर्यातकों और निवेशकों को सब्सिडी और इंसेंटिव के लिए दफ्तरों में फाइलें नहीं धकेलनी पड़ेंगी, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होगी।
राज्य के पारंपरिक और सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले टेक्सटाइल उद्योग को नई ऊर्जा देने के लिए सरकार ने पेरोल सब्सिडी को नए रूप में पेश किया है। अब इसे 'एसेट क्रिएशन इंसेंटिव' के रूप में दिया जाएगा। इससे नई यूनिट्स लगाने वाले या विस्तार करने वाले उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। खास बात यह है कि रिप्स-2024 में अब ब्याज अनुदान का दायरा बढ़ाकर इसमें सर्विस सेक्टर को भी शामिल कर लिया गया है।
एक जिला एक उत्पाद पॉलिसी-2024 के तहत स्थानीय उद्योगों को वैश्विक पटल पर लाने की कवायद तेज की गई है। यह योजना 31 मार्च 2029 तक मान्य रहेगी। उद्यमियों को 6 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी। 15 लाख रुपए तक की सहायता। बजट में खास बात यह है कि विपणन और कच्चे माल की सुविधा के साथ-साथ, अब उद्योग के विस्तारीकरण के लिए ऋण लेने वाली इकाइयों को भी 10 प्रतिशत मार्जिन मनी के रूप में सहायता मिलेगी। इससे छोटी इकाइयों को बड़ा बनने का मौका मिलेगा।
आबादी के होते विस्तार एवं वाहनों के बढ़ते दबाव से मुक्ति के लिए राज्य सरकार ने राज्य बजट में टेक्सटाइल सिटी को बड़ी सौगात दी है। शहर में गायत्री आश्रम से रामधाम तक एलिवेटड रोड के लिए 250 करोड़ रुपए सरकार ने मंजूर कर योजना को सतही तौर पर लाने का एलान कर दिया है। यह एलिवेटड शहर की अभी सबसे बड़ी जरूरत भी है।
इसी प्रकार बजट में भीलवाड़ा में साबुन मार्ग के समीप आरयूबी निर्माण के लिए सरकार ने दस करोड रुपए मंजूर कर विवाद में फंसी पुलिया को संजीवनी दी है। आरयूबी के निर्माण से प्रमुख मार्ग पर भविष्य में आवाजाही और सहज हो सकेगी। वहीं, शहर में सीवरेज के अधूरे कार्य को पूर्ण करने के लिए सरकार ने शेष कार्य की डीपीआर बनाने के लिए भी तीन करोड़ का बजट जारी कर दिया है।
शहर के सौंदर्यीकरण की दिशा में भी सरकार ने कोठारी नदी के किनारे रिवर फ्रंट एवं गांधी सागर तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए भी राज कोष खोला है। दोनों कार्य के लिए 27 करोड रुपए मंजूर किए है। वहीं शहर के लिए स्मार्ट पार्किग निर्माण की घोषणा भी अहम है। शाहपुरा से मांडल मार्ग के सदृढ़ीकरण के लिए भी सरकार ने तिजोरी खोली है।
जहाजपुर क्षेत्र के लिए भी सरकार ने अम्बेडकर छात्रावास खोले जाने की घोषणा कर शिक्षा का दायरा और मजबूत करने की कोशिश की है। हमीरगढ़ के कान्या खेडी में औदयोगिक क्षेत्र में सड़क मार्ग का बिछेगा जाल। वहीं, सरकार ने 33 केवी ग्रिड की सौगात जहाजपुर के बरोदा व तलोदा, मांडल के आटूण एवं सुवाणा के सांगवा में को दी है।
कान्याखेड़ी में 125 करोड़ से सड़कें और आधारभूत ढांचा विकसित होने से लॉजिस्टिक्स की बड़ी समस्या हल होगी। वहीं, सिंगल विंडो 2.0 और रिप्स की प्रक्रिया डिजिटल होने से भीलवाड़ा में नए निवेश का रास्ता साफ होगा।
-प्रेम स्वरूप गर्ग
खेल जगत को बजट से मायूसी हाथ लगी है। जिले में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने, खेल को विकसित करने या नए स्टेडियम/प्रशिक्षण केंद्र की घोषणा जैसी कोई पहल सामने नहीं आई।
-आशीष राजस्थला
बजट कर्मचारियों, संविदा कार्मिकों, मानदेय कार्मिकों एवं पेंशनरों को लेकर अत्यंत निराशाजनक रहा है। कर्मचारियों के कैडर संबंधी विसंगतिया दूर करने के लिए कोई घोषणा नहीं की गई है।
-नीरज शर्मा
राजस्थान के विकास को बजट गति देगा। बजट में सभी वर्ग का ध्यान रखा गया है। इस बार भीलवाड़ा जिले को भी बहुत खास मिला है। आरओबी के निर्माण की घोषणा से जाम से परेशान आमजन को मुक्ति मिलेगी।
-हरीश मानवानी
सरकार का तीसरा बजट ऐतिहासिक रहा। जिले को बहुत कुछ मिला है। राशमी क्षेत्र के मातृकुंडिया बांध से मेजा फीडर नवीनीकरण करने के लिए 74 करोड़ 11 लाख, मातृकुंडिया से पानी निकासी के लिए 19 करोड़, मांडल तालाब की फेस वाल 10 करोड़, दाता कलां तालाब पर 5 करोड़, पंचायत राज के 47 तालाब जल संसाधन में आए उन पर 10 करोड़ समेत कई विकास कार्य के लिए।
-उदयलाल भडाणा, मांडल
बजट में महिला, किसान, युवा, विद्यार्थी, सरकारी कर्मचारी, उद्यमी समेत सबका ध्यान रखा गया है। मांडल-चौराहे से शाहपुरा तक फोरलेन सबसे बड़ी सौगात है। शाहपुरा में 50 बेड का एकीकृत आयुष चिकित्सालय, बनेड़ा में इको पार्क, उपरेडा में पशु चिकित्सालय, एक लाख बेरोजगार युवाओं को 10 लाख तक का लोन देने की सौगात मिली है।
-लालाराम बैरवा, शाहपुरा
किसानों को समर्पित अब तक का सबसे शानदार बजट पेश हुआ है। बजट में किसानों की हर समस्या का समाधान एवं नवाचार के लिए प्रावधान किए हैं। आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा, पूरे राज्य की जनता के लिए फ्री में इलाज, चार जिलों में एयरपोर्ट, 50 हजार होमगार्ड की भर्ती समेत नवीन पंचायत समितियां एवं ग्राम पंचायतों का गठन होगा।
-जब्बर सिंह सांखला, आसींद
युवाओं, महिलाओं, शिक्षा, बच्चों, चिकित्सा, गांव-गांव, ढाणी-ढाणी को जोड़ने वाली सड़क, हाइवे कुल मिलाकर बजट ऐतिहासिक और आधारभूत संरचना को मजबूत करने वाला है। बरोदा ग्राम पंचायत में बिजली के क्षेत्र में जीएसएस ग्रिड, जहाजपुर में एडीजे कोर्ट, धार्मिक स्थल चवलेश्वर जैन तीर्थ स्थल सड़क निर्माण समेत कई सौगात दी है।
-गोपीचंद मीणा, जहाजपुर
यह बजट किसानों, कर्मचारियों, युवाओं, महिलाओं एवं हर नागरिक के लिए महत्वपूर्ण बजट है। इसमें सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। बजट में विकसित भारत के विजन को लेकर निर्णय लिए गए हैं, विकास के पथ पर राजस्थान अग्रणी रहेगा।
-गोपाल खंडेलवाल, मांडलगढ़
बजट में सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र को विशेष सौगातें मिली हैं। सड़क, शिक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं का बजट में खास ध्यान रखा गया है। यह बजट आमजन की जरूरतों और उम्मीदों को पूरा करने वाला साबित होगा।
-लादूलाल पितलिया, सहाड़ा
आम जनता के हितों के लिए सरकार का यह हितैषी बजट है। इससे जिले के विकास को गति मिलेगी। जहाजपुर क्षेत्र में अंबेडकर छात्रावास खोलने से छात्र-छात्राओं का कोटा, बूंदी, देवली व भीलवाड़ा की तरफ हो रहा पलायन रूकेगा।
-महेंद्र मीणा, भाजपा एसटी मोर्चा जिलाध्यक्ष
बजट दिशाहीन, आधारहीन है, सिर्फ हवा हवाई है, छोटे, मध्यम वर्ग का कोई फायदा नहीं मिला। इसमें भीलवाड़ा को कुछ विशेष नहीं मिला।
-रणजीत सिंह
बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक पार्क और व्यापारिक विकास पर जोर सकारात्मक है, पर टैक्स-नियमों और क्रेडिट सहायता पर और स्पष्ट प्रावधान चाहिए, ताकि एमएसएमई और छोटे व्यापारी सशक्त हों।
-नवनीत बजाज
ई-गवर्नेंस और सिंगल विंडो सिस्टम के विस्तार से व्यापार वर्ग को और राहत मिलेगी। ऑनलाइन एप्रूवल की संख्या बढ़ने से दफ्तरों के चक्कर कम होंगे। भीलवाड़ा शहर व जिले को भी बजट में ढेरों सौगात मिलना स्वागत योग्य है।
-महावीर समदानी
बजट में द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताओं को भूमि आवंटन और संभाग स्तर पर विशेष खेल परिसर (विशेषकर पैरा-स्पोर्ट्स के लिए) की घोषणा सराहनीय है। इससे ग्रामीण प्रतिभाओं को आधुनिक संसाधन मिलेंगे।
-राजेश नैनावटी
छात्रों को फ्री लैपटॉप/टैबलेट, ई-वाउचर और ‘ड्रीम प्रोग्राम’ जैसे प्रावधान अच्छे हैं, परंतु उच्च शिक्षा के लिये पर्याप्त संसाधन और परीक्षा-सुविधाओं की भी आवश्यकता है।
-प्रणेता टिक्याणी
निर्यातकों के लिए बजट काफी उम्मीदें लेकर आया है, विशेषकर टेक्सटाइल और हस्तशिल्प क्षेत्र में। स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार मिलेगा। बजट से मेगा टेक्सटाइल पार्क भीलवाड़ा को मिलने की प्रबल संभावना से निर्यातकों में भारी उत्साह है।
-कोमल तोषनीवाल
दुकानदारों के लिए 150 यूनिट तक बिजली राहत और शहरी जल आपूर्ति योजनाओं से दुकान संचालन की लागत में कमी आने की उम्मीद है। सीसीटीवी और बेहतर शहरी प्रबंधन की घोषणाओं से सुरक्षित व्यापारिक माहौल मिलेगा।
-कमलेश सुवालका
Published on:
12 Feb 2026 12:12 pm
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