1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चांदी का ‘गुब्बारा’ फूटा, सोना भी धड़ाम; अब बजट और ‘युद्ध’ के बादल तय करेंगे भाव

केंद्रीय बजट पेश होने में अब कुछ चंद घंटे बचे हैं, लेकिन उससे ठीक पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में मची उथल-पुथल ने सर्राफा कारोबारियों और निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। चांदी में चल रही अंधाधुंध सट्टेबाजी का गुब्बारा आखिरकार फूट गया है। एक दिन बाजार बंद रहने से जहां लोगों को थोड़ी राहत मिली थी, […]

2 min read
Google source verification
The silver 'bubble' burst, and gold also plummeted; now the budget and the 'war' clouds will determine the prices.

The silver 'bubble' burst, and gold also plummeted; now the budget and the 'war' clouds will determine the prices.

  • - बजट से पहले कमोडिटी मार्केट में बड़ी हलचल
  • - एक दिन की बंदी के बाद आज खुलेगा एमसीएक्स ; 120 डॉलर से 84.47 डॉलर पर लुढ़की चांदी
  • - सराफा व्यापारियों की सांसें अटकीं, चांदी 2.75 लाख व सोना 1.63 लाख रुपए

केंद्रीय बजट पेश होने में अब कुछ चंद घंटे बचे हैं, लेकिन उससे ठीक पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में मची उथल-पुथल ने सर्राफा कारोबारियों और निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। चांदी में चल रही अंधाधुंध सट्टेबाजी का गुब्बारा आखिरकार फूट गया है। एक दिन बाजार बंद रहने से जहां लोगों को थोड़ी राहत मिली थी, वहीं रविवार को आम बजट के कारण एमसीएक्स के खुलने पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो गिरावट ऐतिहासिक है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 120 डॉलर के उच्च स्तर से टूटकर सीधे 84.476 डॉलर पर आ गिरी है। यही हाल पीली धातु का भी है। सोना 5602 डॉलर से लुढ़ककर 4879.52 डॉलर के स्तर पर आ गया है। सोने-चांदी के साथ क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई है। इससे महंगाई के मोर्चे पर थोड़ी राहत के संकेत मिले हैं। सर्राफा बाजार में चांदी प्रति किलो- 2.75 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तथा सोना 10 ग्राम -1.63 लाख के भाव बोले गए हैं।

सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि अमरिका में 'बिकवाली' की आंधी, खरीदार हुए गायब बाजार में आई इस सुनामी का मुख्य कारण अमरिकी बाजार की गतिविधियां हैं। सर्राफ विशेषज्ञों का कहना है कि अमरिका में शुक्रवार को सोने-चांदी के सौदे काटने का अंतिम दिन था। बाजार में अफरा-तफरी का माहौल ऐसा था कि लोगों ने सोना-चांदी बेचने का प्रयास तो किया, लेकिन सामने कोई खरीदार ही नहीं था। आमतौर पर निवेशक सौदों को अगले महीने के लिए 'रोल ओवर' कर लेते हैं, लेकिन शुक्रवार को इनकी संख्या न के बराबर रही, जिसके चलते कीमतों में यह भारी गिरावट आई।

युद्ध का साया

अमरिका-ईरान तनाव पर टिकीं निगाहें, गिरावट के बावजूद बाजार पूरी तरह जोखिम मुक्त नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका कब ईरान पर हमला बोल दे, यह कहना मुश्किल है। भू-राजनीतिक तनाव बरकरार है। यदि खाड़ी में युद्ध के हालात बनते हैं या कोई सैन्य कार्रवाई होती है, तो बाजार में 'यू-टर्न' आ सकता है और कीमतों में फिर से जबरदस्त तेजी देखने को मिल सकती है।