
Cyber crime प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)
Cyber crime: ऑनलाइन ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट के नाम पर साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की बड़ी ठगी कर ली। ठगों ने फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और टेलीग्राम ग्रुप से जोडकर निवेश पर मोटे मुनाफे का लालच देकर ऐप डाउनलोड करवाए। इसके बाद 77 वर्षीय बुजुर्ग से 1 करोड़ 49 लाख 35 हजार 273 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। साइबर क्राइम ब्रांच भोपाल ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर क्राइम ब्रांच पुलिस ने बताया कि पद्मनाथ नगर वी टी सी हुजूर ऐशबाग निवासी दिनेश कुमार शुक्ला ने शिकायत देकर पुलिस को बताया कि 12 जून 2025 को अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर एक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा। ग्रुप में खुद को ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताने वाले लोग रोजाना शेयर बाजार और कई तरह के निवेश से भारी मुनाफे के दावे कर रहे थे। ठगों ने फरियादी को लैंडप्राइम नामक एक फर्जी वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाया और बताया कि इसी प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश करने पर कम समय में अधिक मुनाफा मिलेगा।
पुलिस ने बताया कि ट्रेडिंग विशेषज्ञ के कहने पर फरियादी ने अलग-अलग दिनों में कई बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करना शुरू किया। निवेश के बाद वेबसाइट पर उन्हें मुनाफा दिखाया गया, जिससे उनका भरोसा और मजबूत हो गया। वेबसाइट के डैश बोर्ड पर बढ़ती रकम देखकर फरियादी को लगा कि उनका पैसा सुरक्षित है और उन्हें अच्छा रिटर्न मिल रहा है।
कुछ समय बाद जब फरियादी ने जमा राशि और लाभ निकालने का प्रयास किया, तो वेबसाइट की ओर से अतिरिक्त राशि जमा करने की मांग की जाने लगी। कभी टैक्स के नाम पर तो कभी प्रोसेसिंग फीस और अकाउंट वेरिफिकेशन के बहाने उनसे और पैसे मांगे गए। ठगों के झांसे में आकर बुजुर्ग ने अपने बैंक खातों, यूपी आ ई और आरटीजीएस के माध्यम से कुल 1 करोड़ 49 लाख 35 हजार 273 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।
उन्होंने बताया कि जब बुजुर्ग ने दोबारा रकम निकालने की कोशिश की तो वेबसाइट ने काम करना बंद कर दिया और टेलीग्राम ग्रुप के एडमिन व अन्य लोग भी संपर्क से बाहर हो गए। इसके बाद फरियादी को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने साइबर क्राइम ब्रांच भोपाल में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने बताया कि जांच में सामने आया है कि ठगी की पूरी रकम करीब 26 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवाई गई थी। साइबर क्राइम ब्रांच अब तकनीकी विश्लेषण और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर इन खातों की जांच कर रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
Published on:
01 Feb 2026 05:42 pm
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