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भोपाल को बड़ी सौगात, 3700 एकड़ में बनेगी देश की सबसे बड़ी वर्ल्ड क्लास मेगा AI सिटी

AI city- विश्व-स्तरीय नॉलेज एंड AI सिटी के लिए प्रक्रिया पूरी, तेज गति से काम कर रहा बीडीए

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India's largest world-class mega AI city to be built in Bhopal across 3700 acres

India's largest world-class mega AI city to be built in Bhopal across 3700 acres

AI City- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल को बड़ी सौगात मिली है। यहां वर्ल्ड क्लास मेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI और नॉलेज सिटी बनाई जा रही है। भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट के पास भौंरी क्षेत्र में यह सिटी विकसित होगी। इसे देश की अब तक की सबसे बड़ी AI और नॉलेज सिटी बताया जा रहा है। विशेषज्ञों ने कहा है कि यह प्रोजेक्ट भोपाल को देश के टेक-एजुकेशन के नक्शे पर स्थापित और प्रतिष्ठित कर देगा। राज्य सरकार ने विश्व-स्तरीय नॉलेज एंड AI सिटी के लिए प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके लिए भोपाल विकास प्राधिकरण यानि बीडीए भी तेज गति से काम कर रहा है। AI सिटी के लिए जमीन के डेवलपमेंट की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।

भोपाल में नॉलेज एंड एआई सिटी विकसित करने की योजना पुरानी है। पहले यह प्रोजेक्ट छोटा रखा गया था लेकिन बढ़ते महत्व को देखते हुए इसे विस्तार दिया गया। अब AI सिटी 3700 एकड़ यानि करीब 1500 हेक्टेयर पर विकसित की जाएगी। बीडीए के सीईओ श्याम वीर ने बताया कि इसके लिए भौंरी में जमीन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

AI सिटी के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने रुचि दिखाई है। अर्बन प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर डिजाइन और डेवलपमेंट से जुड़ी डेढ़ दर्जन से ज्यादा कंपनियों ने इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जमा किया है। बीडीए अधिकारियों के अनुसार इसी माह यानि फरवरी में डेवलपमेंट एजेंसी तय करने की कोशिश की जा रही है।

नॉलेज-एआई सिटी का पूरे प्रोजेक्ट चयनित डेवलपमेंट एजेंसी मास्टर प्लान के रूप में बनाएगी। इसे ग्रीन बिल्डिंग कांसेप्ट पर विकसित किया जाएगा। एआई सिटी में ईवी, सीएनजी और हाइड्रोजन आधारित स्मार्ट और ग्रीन ट्रांसपोर्ट सिस्टम रहेगा।

देश-विदेश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित किए जाएंगे

नॉलेज- एआई सिटी में देश-विदेश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित किए जाएंगे। रिसर्च पार्क, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सेंटर भी खोले जाएंगे। राष्ट्रीय स्तर के इस बड़े प्रोजेक्ट को आंशिक रूप में 2026 में ही आकार देने का लक्ष्य रखा गया है।