8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भारतीय न्यायपालिका में बड़ा बदलाव, अब आपको मातृभाषा में मिलेगा न्याय

Indian Judiciary: देश की न्यायिक व्यवस्था को आमजन के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों की राष्ट्रीय बैठक में अदालतों के डिजिटल सिस्टम को बहुभाषी बनाने पर सहमति बनी है।

less than 1 minute read
Google source verification

भोपाल

image

Akash Dewani

Feb 07, 2026

Major Change in Indian Judiciary Now you will get justice in your mother tongue mp news

National Conference in National Judicial Academy (फोटो- Patrika.com)

MP News: आमजन को उनकी अपनी भाषा में न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में देश की न्यायपालिका बड़ा कदम उठाने जा रही है। भोपाल स्थित राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी (National Judicial Academy) में आयोजित उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में बहुभाषी डिजिटल ज्यूडिशियल प्लेटफॉर्म (Multilingual digital platform) विकसित करने पर सहमति बनी।

सम्मेलन की अगुवाई मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत (CJI Surya Kant) एवं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीशों ने की। मंथन के दौरान यह बात प्रमुखता से सामने आई कि देश की बड़ी आबादी भाषा संबंधी बाधाओं के कारण न्यायिक प्रक्रिया से पूरी तरह जुड़ नहीं पाती। इसे दूर करने के लिए अदालतों के डिजिटल सिस्टम को बहुभाषी बनाया जाएगा, ताकि याचिकाकर्ता केस से जुड़ी जानकारी, आदेश, नोटिस और सुनवाई विवरण अपनी मातृभाषा में समझ सकें।

भौगोलिक सीमाओं से मुक्त करने का लिया संकल्प

मुख्य न्यायाधीशों ने यूनिफाइड, एफिशिएंट और पीपुल-सेंट्रिक ज्यूडिशियरी के विजन के तहत न्याय को भाषाई व भौगोलिक सीमाओं से मुक्त करने का संकल्प लिया। यह पहल न्यायपालिका को लोगों के करीब और सुलभ न्याय की अवधारणा को मजबूत करेगी।

छोटे मामलों में मिल सके तुरंत न्याय

सम्मेलन में माना गया कि तकनीक के समुचित उपयोग से न्यायिक प्रक्रियाएं न सिर्फ पारदर्शी होंगी, बल्कि आमजन का भरोसा भी बढ़ेगा। वैकल्पिक विवाद निपटान प्रणाली को भी बहुभाषी डिजिटल सपोर्ट से जोड़ा जाएगा, ताकि छोटे मामलों का त्वरित समाधान हो सके।

यह होंगे प्रमुख प्रावधान

  • ई-कोर्ट पोर्टल और मोबाइल प्लेटफॉर्म बहुभाषी किए जाएंगे।
  • केस स्टेटस, आदेश व नोटिस क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होंगे।
  • वर्चुअल सुनवाई में रियल-टाइम भाषा अनुवाद तकनीक पर काम।
  • दूरदराज क्षेत्रों के वादियों को डिजिटल भाषा सहायता मिलेगी। (MP News)