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एमपी की सड़कों में दौड़ेंगी इस ‘रंग’ की सरकारी बसें, 4 फॉर्मूले पर होगा संचालन

MP News: प्रदेश में सरकारी बस सेवा की वापसी की तैयारी तेज है। नई व्यवस्था में किराया, रॉयल्टी, कार्गो और विज्ञापन से कमाई का नया मॉडल बनेगा।

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भोपाल

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Akash Dewani

Jan 19, 2026

MP Government Bus Color operations 4 Formulas MP News

MP Government Bus operation (Patrika.com)

MP Government Bus Color: मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत मध्य प्रदेश में सरकारी बसों के संचालन की तैयारी तेज हो गई है। अप्रैल में बसों को अनुबंधित (लीज पर लेने) की प्रक्रिया शुरू होगी और इसके बाद चरणबद्ध तरीके से संचालन शुरू किया जाएगा। इंदौर संभाग में बसों का संचालन एआइसीटीएसएल के हाथ में रहेगा, जबकि प्रदेश के अन्य संभागों में अलग-अलग सहायक कंपनियां यह जिम्मेदारी संभालेंगी।

सरकार ने बस संचालन को चार प्रमुख फेक्टर पर आधारित करने की योजना बनाई है। दावा किया जा रहा है कि इससे यात्रियों को सुरक्षित, अनुशासित और नियमित बस सेवा मिलेगी, वहीं बस ऑपरेटरों की आय भी मौजूदा व्यवस्था से बेहतर होगी। अभी विभिन्न रूटों पर निजी बसों का संचालन हो रहा है। नई व्यवस्था में निजी बसे सरकारी कंपनी द्वारा लीज पर ली जाएंगी। (MP News)

राज्य स्तर पर होल्डिंग, संभागों में सहायक कंपनियां

सरकारी बस सेवा के लिए राज्य स्तर पर एक होल्डिंग कंपनी और सात संभागीय सहायक कंपनियां बनाई जा रही हैं। इंदौर संभाग में एआइसीटीएसएल को कंपनी का स्वरूप दिया जाएगा। भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और रीवा में अलग-अलग कंपनियां काम करेंगी। कंपनी बनने के बाद एआइसीटीएसएल सिर्फ शहर ही नहीं, बल्कि इंदौर संभाग के सभी जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी बसों का संचालन करेगी।

एक रंग-एक पहचान

सरकारी बसों को एक समान पहचान देने के लिए एक ही रंग की बसें चलाने की योजना है। फिलहाल सफेद और नारंगी रंग को लेकर विचार है, हालांकि अंतिम फैसला अभी होना बाकी है। एआइसीटीएसएल में 150 कर्मचारियों की संविदा नियुक्ति की जाएगी। भर्ती लिखित परीक्षा द्वारा होगी।

ये चार फैक्टर

  1. रॉयल्टीः आय का 95% ऑपरेटर को, 5% कंपनी को
  2. किरायाः अभी प्रति किमी 1.25 रुपए, नई व्यवस्था में इसे 2 रुपए तक।
  3. कार्गो सर्विसः बसों से कार्गो ढुलाई कंपनी की आय का बड़ा स्रोत होगी।
  4. विज्ञापनः बसों के अंदर-बाहर विज्ञापन से अतिरिक्त आय। कार्गो व विज्ञापन में भी ऑपरेटर का हिस्सा। (MP News)