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Union Budget 2026: MP के इस शहर को मिलेगी बड़ी सौगात, 10 हजार करोड़ में बनेगा मेट्रो-नेशनल हाईवे

Union Budget 2026: केंद्रीय बजट में मेट्रो, नेशनल हाईवे, ब्रिज और लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी के लिए बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद जगी है। इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार मिलेगी, लेकिन पेंशन, अफोर्डेबल हाउसिंग और आम राहत को लेकर सवाल बरकरार हैं।

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भोपाल

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Akash Dewani

Feb 02, 2026

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union budget 2026 (फोटो- DD News)

MP News: केंद्रीय बजट में भोपाल मेट्रो समेत नेशनल हाइवे और ब्रिज की उम्मीद बेहतर हुई। टियर दो- तीन शहरों के लिए 12.02 लाख करोड़ रुपए आवंटित हुए हैं, इसमें भोपाल की भागीदारी होगी। मेट्रो की मौजूदा 32 किमी की लाइन को पूरा करने 5000 करोड़ रुपए की जरूरत है। इसी तरह टियर 2 शहरों में सिटी इकोनॉमिक रीजन का प्रावधान किया है, जिसमें पांच साल में 5000 करोड़ रुपए मिलेंगे। भोपाल को लाभ मिला तो यहां लॉजिस्टिक व हाइवे कनेक्टिविटी के लिए काम शुरू हो सकता है।

दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी

केंद्रीय बजट 2026 (Union Budget 2026) में इंफ्रा पर राज्यों को अंशदान दिया जा रहा है। इससे भोपाल के आसपास से गुजरने वाले हाईवे, मेट्रो, लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर, रेलवे और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से कनेक्टिविटी बेहतर होगी। नए ग्रोथ कॉरिडोर खुलेंगे और रियल एस्टेट सेक्टर को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी। इसका सीधा सकारात्मक असर भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन पर पड़ेगा, जहां आवास, रोजगार और सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। भोपाल जैसी राजधानी के लिए एक विशेष कैपिटल रिडेवलपमेंट पैकेज की व्यवस्था की जानी चाहिए थी लेकिन इसकी घोषणा नहीं हो सकी है।

टेक्सटाइल पार्क को मिलेगा बल

शहर में टेक्सटाइल पार्क प्रस्तावित है। बजट में इसका प्रावधान किया है। कोलार में रेडिमेड गारमेंट निर्माण हब के लिए काम शुरू हुआ। बजट के प्रावधानों का यहां लाभ लियाजाएगा। कैंसर की 17 दवाओं में कमी का लाभ यहां होगा। ए्स में भोपाल समेत प्रदेशभर से लोग पहुंचते हैं। अब महंगी दवाओं से राहत मिलेगी। शिक्षा के लिए आने वाली कन्याओं के लिए हॉस्टल की सुविधा बढ़ेगी।

अफोर्डेबल हाउसिंग हिस्सेदारी 18% से घटकर 12 तक हो सकती है

क्रेडाई के आकलन के अनुसार कुल हाउसिंग सह्रश्वलाई में अफोर्डेबल हाउसिंग की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत से घटकर 12 तक हो सकती है। इसका सीधा असर भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन में कामगारों, युवा परिवारों और मिडिल क्लास पर पड़ेगा। अफोर्डेबल हाउसिंग कोई वेलफेयर स्कीम नहीं, बल्कि इकोनॉमिक इंफ्रास्ट्रक्चर है। यदि इसकी सह्रश्वलाई कमजोर होती है, तो मेट्रोपॉलिटन रीजन में किराये बढ़ेंगे, रोजाना का सफर लंबा होगा और अनियोजित बस्तियों का विस्तार होगा।

सकारात्मक संकेत, पर जीडीपी लक्ष्य अभी दूर

बजट में उच्च शिक्षा के साथ स्कूल शिक्षा दोनों में वृद्धि दर्ज की गई है। एआइ आधारित लर्निंग, स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया है। कुल सार्वजनिक व्यय अभी डीजीपी के लगभग 3.7 से 4.1 प्रतिशत के आसपास है।- कमलाकर सिंह, पूर्व कुलपति, भोपाल

पेंशनरों के लिए निराशाजनक सरकार

बजट में पेंशनर्स, कर्मचारी, आम जनता के लिए कुछ भी खास नहीं है। इस लिहाज से यह घोर निराशाजनक बजट है। बजट में आठवें वेतन आयोग को लेकर कोई प्रावधान नहीं किया। 50 प्रतिशत डीए मर्ज करने की घोषणा की थी लेकिन प्रावधान नहीं रखा है।

घर के बजट में खास फर्क नही

रोजमर्रा की चीजों पर इससे बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा, रसोई गैस, पेट्रोल जैसी आम जरूरत की वस्तुओं को लेकर कोई राहत नहीं दी है। माइक्रोवेव ओवन सहित इलेक्ट्रानिक्स के दामों में कमी आने की उम्मीद है, लेकिन यह चीजे बार-बार नहीं खरीदी जाती।- वर्षा डिंगरे, शाहपुरा भोपाल

लोगों ने दिए अपने ओपिनियन

बजट विकसित भारत का विजन

बजट विकसित भारत के विजन को सशक्त दिशा देता है। शिक्षा, कौशल विकास और रिसर्च पर फोकस युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा।- संजीव अग्रवाल, चेयरमैन, सेज ग्रुप

इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश

एमएसएमई सेक्टर के लिए ऋण सुविधा बढ़ाने और इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश की घोषणा सकारात्मक कदम है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को कुछ गति मिल सकती है। - धर्मेंद्र शर्मा, जिला अध्यक्ष कैट, भोपाल

सरकार का मिला-जुला बजट

महिलाओं के लिए 3 लाख करोड़ का बजट आवंटित किया है। किसानों के लिए कई घोषणाएं की हैं, जैसे कि नारियल, काजू और चंदन जैसी फसलों को बढ़ावा देना। -अंशु गुप्ता, अध्यक्ष, मप्र महिला उद्यमी संघ

छोटे उद्योगों को राहत

बजट में छोटे, मध्यम और मझौले उद्योगों को राहत देने की घोषणा की है। इसका हम स्वागत करते हैं। मध्यप्रदेश में एमएसएमई की संख्या काफी ज्यादा है। - संतोष अग्रवाल, अध्यक्ष, इन्वेस्टर्स एसो.

एआइ को दी प्राथमिकता

कैपिटल एक्सपेंडिचर का लक्ष्य 12,000 करोड़ रखा गया है। सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर, एआइ और एमएसएमई को प्राथमिकता दी गई है।-मनीष विनायक झोकरकर, शिक्षाविद्

शिक्षा को बनाया विकास का केंद्र

शिक्षा को विकास का केंद्र बनाते हुए पांच नई विश्वविद्यालय टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव है। ये औद्योगिक व लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के पास होंगी।-प्रो. शैलेंद्र जैन, स्टूडेंट वेलफेयर डीन, मैनिट (MP News)