
गोचर भूमि की प्रतीकात्मक फोटो
बीकानेर विकास प्राधिकरण (बीडीए) द्वारा गोचर भूमि के अधिग्रहण के विरोध में आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में कचहरी परिसर में मंगलवार को गोचर ओरण संरक्षण समिति बीकानेर तथा अखिल भारतीय गोवंश गोचर संरक्षक संस्थान, बीकानेर (राजस्थान) के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें 27 जनवरी को प्रस्तावित महापड़ाव को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि गोचर भूमियों का म्यूटेशन बीडीए के नाम दर्ज किए जाने से शहरवासियों में भारी आक्रोश है। इसी के विरोध में 27 जनवरी को संत समाज के सान्निध्य में शहरवासियों की ओर से जिला कलक्टर कार्यालय के सामने महापड़ाव दिया जाएगा। पदाधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिले के विधायकों की ओर से आंदोलनरत गोभक्तों को मौखिक रूप से सकारात्मक आश्वासन दिया गया है, लेकिन समिति की ओर से इन आश्वासनों को लिखित रूप में देने की मांग की जा रही है।
... इस तरह से जोड़ेंगे लोगों को
आंदोलन संयोजक शिव गहलोत ने बताया कि महापड़ाव की तैयारियों को लेकर क्षेत्रवार टीमों का गठन कर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग आंदोलन से जुड़ सकें। बैठक में मनोज कुमार सेवग, सूरजमाल सिंह नीमराना, योगेश गहलोत, सूरजप्रकाश राव, निर्मल शर्मा, यशवेंद्र चौधरी, कैलाश सोलंकी, नवरतन शर्मा, धनपत मारू, रामजी, रॉयल बन्ना, विजय थानवी, किशन शर्मा, बृजेंद्र सिंह राठौड़, अशोक उपाध्याय सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
गोचर भूमि गायों की है, इसका अधिग्रहण अस्वीकार्य- मकराना
गोचर भूमि गो माता की है। जिस भूमि को भामाशाहों ने खरीदा और गोमाता के लिए छोड़ा, उस भूमि पर अगर कोई सरकार, प्रशासन कब्जा करे, तो इसे किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने बीकानेर प्रवास के दौरान राजस्थान पत्रिका को बताया कि प्रदेश सरकार और बीडीए की ओर से गोचर भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही अनुचित है। बीडीए की अनुचित कार्यवाही से गोभक्त और संत समाज में रोष है। अधिग्रहण के विरोध में 27 जनवरी को प्रस्तावित महापड़ाव में श्री राजपूत करणी सेना संत समाज और गोभक्तों के साथ है। गोचर भूमि के अधिग्रहण का श्री राजपूत करणी सेना विरोध करती है।
छेड़छाड़ न करने की चेतावनी
मकराना ने कहा कि बीकानेर की लगभग 40 हजार बीघा गोचर भूमि यहां के भामाशाहों, गोभक्तों की पुण्याई है। इसे हर किसी के नाम नहीं करने देंगे। शासन-प्रशासन गोभक्तों और संत समाज की भावनाओं को समय रहते समझे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को लड़ना है, तो गलत व्यवस्थाओं से लड़े। राम और गो माता के लिए जो व्यवस्थाएं पूर्व से निर्धारित है, उनसे छेड़छाड़ न की जाए।
क्षत्रिय सभा भी आई साथ
वहीं श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय कार्यसमिति अध्यक्ष करण प्रताप सिंह सिसोदिया ने बताया कि गोमाता की गोचर भूमि पर बीडीए का अधिग्रहण उचित नहीं है। अगर गोचर ही नहीं रहेगी, तो फिर गोमाता कहां रहेगी। गोवंश का अस्तित्व संकट में आ जाएगा। प्रशासन और सरकार आमजन की भावना समझे और गोचर को अधिग्रहण से बाहर करे। 27 जनवरी को प्रस्तावित महापड़ाव में क्षत्रिय सभा और श्री राजपूत करणी सेना, संत समाज और गोभक्तों के साथ है।
Published on:
21 Jan 2026 12:14 am
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