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मैं आजाद हूं…ममता कुलकर्णी ने महामंडलेश्वर पद से इस्तीफे के बाद दी प्रतिक्रिया, बोलीं- किसी वस्त्र की जरूरत नहीं

Mamta Kulkarni Reaction After Resign From Mahamandaleshwar: ममता कुलकर्णी ने सोमवार को किन्नर अखाड़ा के महामंडलेश्वर पद से इस्तीफे के बाद अपना रिएक्शन दिया।

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Mamta Kulkarni Reaction After Resign From Mahamandaleshwar

Mamta Kulkarni (सोर्स- mamtakulkarniofficial____)

Mamta Kulkarni Reaction After Resign From Mahamandaleshwar: बॉलीवुड की पूर्व अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने किन्नर अखाड़ा के महामंडलेश्वर पद से इस्तीफे के करीब एक हफ्ते बाद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दो वीडियोज साझा किए हैं। इन वीडियोज में ममता कुलकर्णी ने जीवन के सच को लेकर बात की है। उनका कहना है कि सच को कभी भी किसी वस्त्र की जरूरत नहीं होती।

ममता कुलकर्णी ने साझा किए वीडियोज (Mamta Kulkarni Reaction After Resign From Mahamandaleshwar)

2 फरवरी को ममता कुलकर्णी ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया जिसमें उन्होंने कहा- मैं नवंबर 2024 में इन्हीं वस्त्रों के साथ भारत वापस आई थी। मेरा मानना है कि सत्य को कभी भी किसी वस्त्र की जरूरत नहीं होती और उसे किसी भी पार्टी या धर्म से जोड़ने की भी जरूरत नहीं है। सत्य हर प्रकार के धर्म से पर है। जय भवानी।

मैं आजाद हूं- ममता कुलकर्णी

इसके अलावा ममता ने एक और वीडियो साझा करते हुए कहा- 'सही संघ की पहचान उसके आचरण और व्यवहार से होती है। साथ ही उन्होंने कहा कि मुझे काफी जगह से महामंडलेश्वर पद के ऑफर आए थे लेकिन मैंने ठुकरा दिया। मैं पूरी तरह से आजाद हूं।'

किन्रर अखाड़े ने किया था निष्कासित

प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर दिए गए बयानों के बाद किन्नर अखाड़े ने ममता कुलकर्णी को संगठन से बाहर कर दिया था। इसके बाद ममता कुलकर्णी ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए कहा कि किसी भी पद पर न रहते हुए भी वह अपने आस्था और विश्वास के मार्ग पर आगे बढ़ती रहेंगी।

त्यागपत्र में ममता कुलकर्णी ने क्या लिखा?

अपने त्यागपत्र में ममता कुलकर्णी ने अपना नाम हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लिखा, जिसमें उन्होंने ‘ममता’ और ‘कुलकर्णी’ के बीच ‘मुकुंद’ जोड़ा। हालांकि, उन्होंने किन्नर अखाड़े की ओर से मिला नाम ‘यमाई ममता नंद गिरि’ इसमें शामिल नहीं किया। इसके जरिए उन्होंने ये संकेत देने की कोशिश की कि अखाड़े से उन्हें बाहर नहीं किया गया, बल्कि उन्होंने स्वयं ही अपने दायित्वों से अलग होने का फैसला लिया है।

गौरतलब है कि ममता कुलकर्णी जनवरी में पिछले साल किन्नर अखाड़े से जुड़ी थीं और इसके बाद बीते एक साल में कई मौकों पर संगठन से उनकी नाराजगी सामने आती रही है।