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निर्वस्त्र होकर चौपाटी बीच पर लगाया ध्यान, परिवार के 5 लोगों की मौत के बाद टूटे थे विनोद खन्ना, पत्नी का बड़ा खुलासा

Why did Vinod Khanna become a monk: विनोद खन्ना के सन्यासी बनने और करियर के पीक पर सब छोड़ देने का असली कारण पहली बार उनकी दूसरी पत्नी ने बताया है। उन्होंने उस बात का भी राज खोला जब विनोद खन्ना निर्वस्त्र होकर चौपाटी बीच पर बैठे थे।

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विनोद खन्ना के सन्यासी बनने और करियर के पीक पर सब छोड़ देने का असली कारण पहली बार उनकी दूसरी पत्नी ने बताया है। उन्होंने उस बात का भी राज खोला जब विनोद खन्ना निर्वस्त्र होकर चौपाटी बीच पर बैठे थे।

विनोद खन्ना के सन्यासी बनने को लेकर पत्नी का खुलासा

Vinod Khanna: बॉलीवुड के इतिहास में कई दिलचस्प कहानियां दर्ज हैं, लेकिन विनोद खन्ना का सुपरस्टारडम छोड़कर संन्यासी बन जाना आज भी लोगों को हैरान कर देता है। आज की पीढ़ी जब ये किस्से सुनती है तो उन्हें लगता है कि आखिर क्यों करियर के पीक पर ही विनोद खन्ना ने अपना सब कुछ त्याग दिया था और ओशो के आश्रम में बर्तन मांजने और टॉयलेट साफ करने लगे थे? सालों बाद, विनोद खन्ना की दूसरी पत्नी कविता खन्ना ने एक एक्टर की दर्दभरी जिंदगी को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं। जो उनके फैंस सुनकर हैरान हो रहे हैं। उन्होंने बताया है कि आखिर उस 'सजी-धजा' जिंदगी को छोड़ने की असली वजह क्या थी।

विनोद खन्ना के परिवार में हुई थी 5 लोगों की मौत (Why did Vinod Khanna become a Sanyasi?)

कविता खन्ना ने हाल ही में खुलासा करते हुए बताया कि विनोद का झुकाव महज 17 साल की उम्र से ही आध्यात्म की तरफ था। लेकिन उनके वैराग्य की आग तब भड़की जब दो साल के अंदर उन्होंने अपने परिवार के लगभग 5 सदस्यों को खो दिया था। कविता के अनुसार, "विनोद खन्ना ने तब सब कुछ त्यागने का मन बना लिया जब उनके करीबियों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ। खासकर जब उनकी मां का निधन हुआ, तो वह अंदर से टूट गए थे। उन्हें समझ आ गया कि दौलत और शोहरत मन की शांति नहीं दे सकती। इसी दुख के बीच वह सीधे ओशो के पास पहुंचे और संन्यास की दीक्षा ले ली।"

विनोद खन्ना जब हुए थे चौपाटी बीच पर निर्वस्त्र (vinod khanna osho story)

विनोद खन्ना सिर्फ पुणे के आश्रम तक सीमित नहीं रहे, वह ओशो के साथ अमेरिका के ओरेगन चले गए। वहां उन्होंने किसी सुपरस्टार की तरह नहीं, बल्कि एक साधारण माली के रूप में काम किया। कविता ने एक बेहद दिलचस्प बात शेयर की कि विनोद वहां केवल बगीचा ही नहीं संभालते थे, बल्कि ओशो के 'मॉडल' भी थे। दरअसल, ओशो और विनोद खन्ना के कंधों का साइज एक जैसा था। ओशो के लिए जो भी शानदार कपड़े डिजाइन किए जाते थे, उन्हें सबसे पहले विनोद खन्ना पर ट्राई किया जाता था ताकि फिटिंग चेक की जा सके।

दीक्षा लेने के बाद लोगों में बांट दिए थे लग्जरी सामान (vinod khanna wife kavita khanna)

पॉडकास्ट में कविता ने उस दौर का भी जिक्र किया जब विनोद खन्ना ने मुंबई के चौपाटी बीच पर एक निर्वस्त्र मेडिटेशन सेशन में हिस्सा लिया था। पुणे जाने से पहले हुए इस सत्र में कई लोगों ने अपने कपड़े त्याग कर एक घेरा बनाया और ध्यान लगाया था। 31 दिसंबर 1975 को दीक्षा लेने के बाद विनोद ने अपनी सारी लग्जरी गाड़ियां, महंगे कपड़े और सामान लोगों में बांट दिया और सिर्फ मरून रंग का चोगा पहनना शुरू कर दिया था।

5 साल में उजड़ गई थी उनकी जिंदगी

करीब चार-पांच साल अमेरिका में रहने के बाद जब वह भारत लौटे, तो उनकी पहली शादी (गीतांजलि खन्ना के साथ) टूट चुकी थी। लंबे समय तक परिवार से दूर रहने के कारण उनका तलाक हो गया था। इसके बाद 1987 में उन्होंने दोबारा फिल्मों में वापसी की। साल 1990 में उन्होंने कविता से शादी की और 2017 में अपनी मृत्यु तक वह उनके साथ रहे।