
देश के आम बजट से नागरिकों को कई उम्मीदें हैं। ( प्रतीकात्मक फोटो: AI)
Union Budget: बजट का समय नजदीक आ रहा है और लोग दिल थाम कर बैठे हुए हैं। वर्ष 2026 के आम बजट (Union Budget 2026) की उल्टी गिनती खत्म होने वाली है। देश की वित्त मंत्री 1 फरवरी को संसद में बही-खाता पेश करेंगी। लेकिन बजट भाषण शुरू होने से पहले ही महंगाई की आहट ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। बाजार के जानकारों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार सरकार 'सिन गुड्स' (Sin Goods) यानि सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ा सकती है। इसके अलावा, महीने की पहली तारीख होने के कारण एलपीजी गैस सिलेंडर (LPG Cylinder) के दामों में भी बदलाव की पूरी संभावना है।
हर साल बजट में जिस एक चीज पर सबसे ज्यादा गाज गिरती है, वह है सिगरेट और तंबाकू उत्पाद। स्वास्थ्य को लेकर सरकार की सख्त नीतियों के चलते इस बार भी सिगरेट पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) या सेस बढ़ाया जा सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो सिगरेट कंपनियों को अपने दाम बढ़ाने पड़ेंगे, जिसका सीधा असर धूम्रपान करने वालों की जेब पर पड़ेगा। रिपोर्ट्स का दावा है कि सरकार राजस्व बढ़ाने और नशामुक्ति को बढ़ावा देने के लिए सिगरेट पर 5 से 10 प्रतिशत तक टैक्स बढ़ा सकती है।
हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां एलपीजी गैस (LPG Gas Prices) के दामों की समीक्षा करती हैं। चूंकि 1 फरवरी को ही बजट है, इसलिए सबकी नजरें गैस के दामों पर टिकी हुई हैं। पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के साथ-साथ घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बदलाव हो सकता है। अगर दाम बढ़ते हैं, तो रसोई का बजट बिगड़ना तय है।
महंगाई के अलावा, शेयर बाजार और छोटे निवेशकों की नजरें टैक्स नियमों (Tax Regimes) पर हैं। मिडिल क्लास निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) और अन्य टैक्स स्लैब में राहत देगी। हालांकि, बाजार में इस बात का भी डर है कि कहीं सरकार अमीरों पर टैक्स बढ़ाकर या निवेश के नियमों को सख्त करके कोई नया झटका न दे दे। 1 फरवरी की सुबह तक बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर, 1 फरवरी का दिन न केवल देश की अर्थव्यवस्था के लिए, बल्कि आपकी जेब के लिए भी बेहद खास होने वाला है। सुबह गैस के दाम और दोपहर में बजट का ऐलान तय करेगा कि आने वाला साल महँगाई भरा होगा या राहत भरा।
लखनऊ की रहने वाली गृहिणी सरिता मिश्रा का कहना है, "हर बजट में बस यही डर लगता है कि गैस सिलेंडर महंगा न हो जाए। अगर रसोई का खर्च बढ़ा, तो बाकी घर चलाना मुश्किल हो जाएगा। सरकार को महिलाओं का ध्यान रखना चाहिए।"
दिल्ली के आईटी प्रोफेशनल रोहन वर्मा कहते हैं, "मैं शेयर बाजार में निवेश करता हूँ। अगर सरकार ने टैक्स के नियम और सख्त किए, तो मिडिल क्लास के लिए पैसा बचाना नामुमकिन हो जाएगा। हमें उम्मीद है कि टैक्स स्लैब में छूट मिलेगी।"
एक किराना व्यवसायी का मानना है कि "सिगरेट महंगी होने से कालाबाजारी बढ़ जाती है। सरकार को दाम बढ़ाने के साथ-साथ सप्लाई पर भी ध्यान देना चाहिए।"
1 फरवरी की सुबह: तेल कंपनियां एलपीजी के नए दामों (LPG Rates) की लिस्ट जारी करेंगी।
संसद की कार्यवाही: सुबह 11 बजे वित्त मंत्री अपना बजट भाषण शुरू करेंगी।
बजट भाषण के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। सबसे ज्यादा नजर एफएमसीजी (ITC जैसी कंपनियां) और एनर्जी सेक्टर के शेयरों पर रहेगी।
इसका एक अहम पहलू 'जन स्वास्थ्य' (Public Health) भी है। सिगरेट और तंबाकू उत्पादों को महंगा करने के पीछे सरकार का तर्क हमेशा यह रहता है कि इससे युवाओं में इसकी लत कम होगी। भारत में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी तंबाकू उत्पादों पर भारी टैक्स का समर्थन करते हैं। हालांकि, सवाल यह भी उठता है कि क्या केवल दाम बढ़ाने से नशा कम होता है, या फिर लोग सस्ते और घटिया विकल्पों की तरफ मुड़ जाते हैं? यह एक बहस का विषय है जो बजट के बाद फिर गरमाएगा।
Updated on:
31 Jan 2026 02:30 pm
Published on:
31 Jan 2026 02:25 pm
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