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भारत, Jan 12, 2026

सऊदी अरब ने खोले अपने शेयर बाजार के दरवाजे, 1 फरवरी से आप भी कर पाएंगे निवेश

सऊदी की कैपिटल मार्केट अथॉरिटी CMA ने "क्वालिफाइड फॉरेन इन्वेस्टर" (QFI) के कॉन्सेप्ट को ही पूरी तरह से खत्म कर दिया है, जो पहले विदेशी निवेशकों के लिए कुछ अनिवार्य शर्तें रखती थी।

सऊदी अरब के फाइनेंशियल मार्केट में किया गया ये सुधार विजन 2030 का हिस्सा है (PC: प्रतीकात्मक/ChatgptAI)

अब आप सऊदी अरब (Saudi Arabia) के शेयर बाजार में भी निवेश कर सकेंगे। सऊदी अरब दुनिया भर के निवेशकों के लिए अपना फाइनेंशियल मार्केट खोलने जा रहा है। कैपिटल मार्केट अथॉरिटी (CMA) ने ऐलान किया है कि 1 फरवरी 2026 से सभी विदेशी निवेशक सऊदी कैपिटल मार्केट के सभी सेगमेंट में सीधे निवेश कर सकेंगे। CMA का कहना है कि इससे हमारा इन्वेस्टर बेस बढ़ेगा, लिक्विडिटी सुधरेगी और नई पूंजी बाजार में आएगी। सऊदी अरब का मुख्य और सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज तदावुल (Tadawul) है। इसका पूरा नाम Saudi Exchange है। ये मिडिल ईस्ट का सबसे बड़ा स्टॉक मार्केट है।

नियमों में किए बड़े बदलाव

सऊदी की कैपिटल मार्केट अथॉरिटी CMA ने "क्वालिफाइड फॉरेन इन्वेस्टर" (QFI) के कॉन्सेप्ट को ही पूरी तरह से खत्म कर दिया है, जो पहले विदेशी निवेशकों के लिए कुछ अनिवार्य शर्तें रखती थी। यानी उनकी संपत्ति, अनुभव या साइज की कुछ न्यूनतम शर्तें पूरी करनी पड़ती थीं। केवल वही चुनिंदा बड़े विदेशी निवेशक ही सीधे शेयर खरीद सकते थे। छोटे या सामान्य विदेशी निवेशकों के लिए यह मुश्किल था। अब CMA ने इस पूरी व्यवस्था को खत्म कर दिया है। मतलब, अब कोई भी विदेशी निवेशक बिना किसी विशेष योग्यता के सऊदी के स्टॉक मार्केट में निवेश कर सकेगा।

इसके अलावा, CMA ने स्वैप एग्रीमेंट्स का फ्रेमवर्क भी हटा दिया गया है, जिसके तहत नॉन-रेजिडेंट निवेशक केवल आर्थिक लाभ ही हासिल कर पाते थे, लेकिन अब वे मुख्य मार्केट में शेयरों का सीधा स्वामित्व हासिल कर सकेंगे। दरअसल, पहले कई विदेशी निवेशक "स्वैप" नाम के समझौते के जरिए निवेश करते थे। इसमें वे शेयरों का असली मालिक नहीं बनते थे, बल्कि सिर्फ शेयर की कीमत बढ़ने-घटने से होने वाले मुनाफे या नुकसान का हिस्सा पाते थे। शेयरों का कानूनी स्वामित्व किसी लोकल संस्था के पास रहता था। अब यह व्यवस्था भी हटा दी गई है। अब विदेशी निवेशक मुख्य मार्केट में सीधे शेयर खरीदकर उनका मालिक बन सकेंगे।

लगातार रिफॉर्म कर रहा सऊदी

सऊदी अरब के फाइनेंशियल मार्केट में किया गया ये सुधार विजन 2030 का हिस्सा है, जिसका मकसद तेल पर निर्भरता कम करना और अर्थव्यवस्था को डायवर्सिफाई करना है। पिछले सालों में CMA ने चरणबद्ध तरीके से कई सुधार किए हैं। जुलाई 2025 में गल्फ को-ऑपरेशन काउंसिल (GCC) देशों के निवासियों और पूर्व सऊदी/GCC निवासियों के लिए निवेश खाते खोलने की प्रक्रिया सरल की गई। अक्टूबर 2025 में नॉन-रेजिडेंट्स निवेशकों के लिए नए नियमों का ड्राफ्ट लोगों की सलाह के लिए जारी किया गया।

2025 की तीसरी तिमाही तक विदेशी निवेशकों की होल्डिंग्स 590 अरब रियाल (लगभग 157 अरब डॉलर) से ज्यादा हो चुकी है, जिसमें मुख्य बाजार में 519 अरब रियाल का निवेश शामिल है। यह 2024 के अंत की तुलना में बढ़ोतरी दर्शाता है। सऊदी अरब ने जापान और हांगकांग जैसे देशों के साथ एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETF) स्थापित किए हैं और मक्का-मदीना की लिस्टेड रियल एस्टेट फर्मों को विदेशियों के लिए खोला है।

सऊदी अरब का शेयर बाजार मिडिल ईस्ट का सबसे बड़ा है और यह सुधार इसे ग्लोबल हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। CMA का कहना है कि ये बदलाव बाजार को ज्यादा आकर्षक बनाएंगे।

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