
निर्मला सीतारमन ने 1 फरवरी, 2026 को अपना नौवां बजट भाषण पढ़ा। (फोटो सोर्स: पीआईबी और एआई)
केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर दिया है। इसमें उन्होंने शहरी विकास के लिए पिछली बार की तुलना में काफी कम पैसा रखा है। इसके लिए आवंटन करीब 12 फीसदी कम कर दिया गया है। गांवों के विकास पर पिछली बार से थोड़ा ज्यादा ध्यान देते हुए आवंटन करीब दो फीसदी बढ़ाया गया है।
बजट आवंटन को देख कर लगता है कि आने वाले वित्त वर्ष में सरकार का सबसे ज्यादा ज़ोर ऊर्जा सेक्टर पर रहेगा, क्योंकि इस मद में आवंटन सबसे ज्यादा, 34 प्रतिशत बढ़ाया गया है। आईटी और टेलीकॉम के लिए आवंटन में सबसे ज्यादा, 22 फीसदी की कटौती की गई है।
बजट 2026 में किस मद में कितना आवंटन किया गया है और पिछले बजट में कितना किया गया था, यह आप इस टेबल में देख सकते हैं।
| क्षेत्र (Sectors) | बजट 2025 में आवंटन (₹ करोड़) | बजट 2026 में आवंटन (₹ करोड़) | आवंटन में अंतर | अंतर % |
| परिवहन (Transport) | — | 5,98,520 | — | — |
| रक्षा (Defence) | 4,91,732 | 5,94,585 | +1,02,853 | +20.92% |
| ग्रामीण विकास (Rural Development) | 2,66,817 | 2,73,108 | +6,291 | +2.36% |
| गृह मामले (Home Affairs) | 2,33,211 | 2,55,234 | +22,023 | +9.44% |
| कृषि और संबद्ध गतिविधियाँ | 1,71,437 | 1,62,671 | -8,766 | -5.11% |
| शिक्षा (Education) | 1,28,650 | 1,39,289 | +10,639 | +8.27% |
| ऊर्जा (Energy) | 81,174 | 1,09,029 | +27,855 | +34.31% |
| स्वास्थ्य (Health) | 98,311 | 1,04,599 | +6,288 | +6.40% |
| शहरी विकास (Urban Development) | 96,777 | 85,522 | -11,255 | -11.63% |
| आईटी और दूरसंचार (IT & Telecom) | 95,298 | 74,560 | -20,738 | -21.76% |
| वाणिज्य और उद्योग | 65,553 | 70,296 | +4,743 | +7.24% |
| समाज कल्याण (Social Welfare) | 60,052 | 62,362 | +2,310 | +3.85% |
| वैज्ञानिक विभाग (Scientific Depts) | 55,679 | 55,756 | +77 | +0.14% |
| कर प्रशासन (Tax Administration) | — | 45,500 | — | — |
| विदेश मामले (External Affairs) | — | 22,119 | — | — |
| वित्त (Finance) | — | 20,649 | — | — |
| पूर्वोत्तर का विकास (DoNER) | — | 6,812 | — | — |
विकास की गाड़ी को रफ्तार देने के लिए ऊर्जा पर ज़ोर देना ही होगा। भारत कच्चे तेल का तीसरा बड़ा ग्राहक है। यहां ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ने के आसार हैं। सरकार का अनुमान है कि 2035 तक दुनिया की तमाम बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों की तुलना में भारत में यह मांग सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ेगी। 2050 तक दुनिया भर में मांग में बढ़ोतरी में 23 फीसदी हिस्सा भारत का होगा। इसलिए भारत को ऊर्जा क्षेत्र में ज्यादा निवेश और काम करने की जरूरत है।
बिजली की मांग अभी भी पूरी नहीं की जा पा रही है और यह मांग हर साल 7-8 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है। यहां प्रति व्यक्ति बिजली की आपूर्ति की तुलना अमेरिका से करें तो वहां दस गुना ज्यादा है। भारत में अभी भी बिजली के लिए कोयला पर निर्भरता बनी हुई है। इससे जहां प्रदूषण होता है, वहीं स्वास्थ्य को नुकसान के रूप में अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ता है। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि खाना पकाने में प्रदूषण फैलाने वाले जलावन के इस्तेमाल के चलते मरने वाले हजार बच्चों में 27 भारतीय होते हैं। इन परिस्थितियों में भारत ने धूप, हवा, पानी आदि से बिजली पैदा करने पर ज़ोर दिया है। इसलिए ऊर्जा क्षेत्र में पैसे की खास जरूरत है।
ऊर्जा के बाद सबसे ज्यादा (21 प्रतिशत) बढ़ोतरी रक्षा क्षेत्र में की गई है। पाकिस्तान के साथ बढ़े तनाव और 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसे सैन्य अभियान की वजह से रक्षा क्षेत्र में खर्च बढ़ाने की जरूरत समझी जा सकती है। भारत के पड़ोस से पैदा होने वाली सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर भी रक्षा क्षेत्र में ज्यादा खर्च करने की जरूरत है। वैसे रक्षा पर खर्च पिछले सात साल से लगातार बढ़ाया ही जाता रहा है। वित्त वर्ष 2021 में यह 485681 करोड़ था जो इस बजट में 594585 करोड़ हो गया है। यह सेना की ताकत बढ़ाने के साथ-साथ हथियार और साजो-सामान के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने में भी मददगार साबित होगा।
रक्षा बजट बढ़ाना इसलिए भी जरूरी हो जाता है, क्योंकि भारत में सेना पर खर्च भी ज्यादा है। स्टॉकहोम इंटेरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के मुताबिक 2024 में भारत ने सेना पर 86 अरब डॉलर खर्च किया। इससे ज्यादा खर्च करने वाले दुनिया में मात्र चार देश ही थे। देखिए यह चार्ट
| रैंक (2024) | देश | सेना पर 2024 में खर्च ($ अरब) |
| 1 | अमेरिका (United States) | 997 |
| 2 | चीन (China) | 314 |
| 3 | रूस (Russia) | 149 |
| 4 | जर्मनी (Germany) | 89 |
| 5 | भारत (India) | 86 |
| 6 | यूनाइटेड किंगडम (UK) | 82 |
| 7 | सऊदी अरब (Saudi Arabia) | 80 |
| 8 | यूक्रेन (Ukraine) | 65 |
| 9 | फ्रांस (France) | 65 |
| 10 | जापान (Japan) | 55 |
Updated on:
01 Feb 2026 04:59 pm
Published on:
01 Feb 2026 04:33 pm
बड़ी खबरें
View Allकारोबार
ट्रेंडिंग
Budget 2026
