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एमपी में सात दिन तक गैंगरेप, आरोपियों के डर से पीड़िता ने परिवार सहित छोड़ा गांव

mp news: शादी का झांसा देकर युवती को जंगल में ले जाकर तीन दोस्तों के साथ मिलकर किया गैंगरेप, आरोप- पुलिस ने 3 महीने में नहीं लिखी एफआईआर।

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CHHATARPUR

gang raped for seven days fearing perpetrators victim and her family left village (demo pic)

mp news: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के चंदला थाना क्षेत्र के एक गांव में सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है, जो कि करीब तीन महीने पुराना है। आरोप है कि तीन महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। आरोपी पीड़ित परिवार को धमकाते रहे हैं और डर के कारण पीड़िता व उसके परिवार ने गांव छोड़ दिया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि शिकायत करने पर आरोपियों ने महिलाओं को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाने की धमकी दी, जिसके कारण पूरा परिवार डरा हुआ है और गांव छोड़कर लवकुशनगर में शरण ली है।

सात दिन तक युवती से गैंगरेप

पीडि़ता के पिता ने बताया कि 26 अक्टूबर को गांव का ही एक शादीशुदा युवक शादी का लालच देकर उनकी बेटी को घर से ले गया। उसके बाद उसे करतल-नरैनी के जंगलों में ले जाकर तीन अन्य आरोपियों के साथ मिलकर लगातार सात दिनों तक सामूहिक दुष्कर्म किया गया। 31 अक्टूबर को दबाव बनाकर समाज के एक युवक से जबरन विवाह करवा दिया। घर लौटने पर युवती ने पूरी घटना परिवार को बताई। इसके बाद आरोपियों ने शिकायत वापस न लेने पर पीड़िता की मां और भाभी को निर्वस्त्र कर पूरे गांव में घुमाने की धमकी दी। लगातार मिल रही धमकियों के चलते परिवार गांव छोड़कर चला गया।

आरोप- तीन महीने बाद पुलिस ने नहीं लिखी FIR

पीडि़त परिवार ने बछौन चौकी, चंदला थाना और एसपी कार्यालय तक लिखित शिकायतें दीं, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। परिवार का आरोप है कि गैंगरेप जैसे गंभीर मामले को पर्दे के पीछे से भाजपा के एक मंडल स्तर के पदाधिकारी के दबाव में दबाया जा रहा है और समझौते के लिए कहा जा रहा है। पीड़िता के भाई ने बताया कि घटना के दौरान बहन का फोन आया था, जिसमें वह रोते हुए कह रही थी, भैया मुझे बचा लो, मेरे साथ रोज ज्यादती हो रही है। इसके बाद पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत हनुमतपुर चौकी पुलिस की मदद से युवती को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया गया।

पुलिस का ये है कहना

एसडीओपी नवीन दुबे का कहना है कि चंदला थाने में गुमशुदगी दर्ज थी, जिसे पुलिस ने दस्तयाब किया। दस्तयाबी में युवती ने अपनी इच्छा से शादी करना और पति के साथ रहना बताया। इस दौरान युवती के परिजन भी मौजूद थे। पुलिस का कहना है कि उनके पास युवती का वीडियो है, जिसमें वह कह रही है कि कोई कार्यवाही नहीं चाहती। जांच चल रही है। परिवार का कहना है कि पुलिस ने पीडि़ता के बयान और वीडियो मनमुताबिक बनाए, धारा 164 के तहत न्यायालय में बयान नहीं कराया गया, जिससे निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं।