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टीकमगढ़ का पता बताया, गुना का मोबाइल नंबर लिखाया और छतरपुर के मतदाता के नाम पर लगाई फर्जी आपत्ति

सर्वे और जांच में पता चला कि आपत्ति लगाने वाले लोग खुद इसे करने से इनकार कर रहे हैं। कई मामलों में फॉर्म-7 में टीकमगढ़ का पता और गुना का मोबाइल नंबर दर्ज था।

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एसआइआर की सुनवाई

2026 के विशेष गहन पुनरीक्षण में मतदाता नामावली में बड़े पैमाने पर फर्जी दावा-आपत्ति

2026 के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता नामावली में बड़े पैमाने पर फर्जी दावा-आपत्तियों का मामला सामने आया है। जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में प्रकाशित सूची में दर्ज नामों के आधार पर लोगों ने दावा-आपत्ति प्रस्तुत किए। लेकिन जांच में यह स्पष्ट हुआ कि बड़ी संख्या में आपत्तियां फर्जी हैं। भारतपुरा में 450, पनागर में 125 और छतरपुर शहर के वार्ड-8 में 32 मतदाताओं के नामों पर फर्जी आपत्ति लगाई गई। सर्वे और जांच में पता चला कि आपत्ति लगाने वाले लोग खुद इसे करने से इनकार कर रहे हैं। कई मामलों में फॉर्म-7 में टीकमगढ़ का पता और गुना का मोबाइल नंबर दर्ज था। जब संपर्क किया गया तो संबंधित व्यक्ति ने साफ कहा कि उन्होंने कोई आपत्ति नहीं लगाई।

वार्ड-8: टीकमगढ़ का पता और गुना का नंबर

छतरपुर शहर के वार्ड-8 में दर्ज 32 फर्जी आपत्तियों की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि आपत्ति लगाने वालों का पता टीकमगढ़ और मोबाइल नंबर गुना का था। बीएलओ के सर्वे में सभी 32 मतदाता वार्ड में निवासरत पाए गए। वार्ड के मतदाता जहरून निशा के नाम पर टीकमगढ़ निवासी मीरा कुशवाहा ने आपत्ति दर्ज कराई, जबकि मीरा ने कहा कि उन्होंने कभी कोई आपत्ति नहीं दी। इसी तरह रिजवाना खातून के नाम पर गणेशा कुशवाहा ने फर्जी आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन वास्तविकता यह थी कि मतदाता वार्ड में ही मौजूद थे। बीएलओ ने बताया कि आपत्ति फार्म में इन मतदाताओं को वार्ड में अनुपस्थित दिखाया गया था। इससे स्पष्ट होता है कि यह फॉर्म-7 का इस्तेमाल फर्जी तरीके से वोट को प्रभावित करने के लिए किया गया।

पनागर: अनुसूचित जाति के मतदाताओं को गैर-भारतीय दिखाया

पनागर विधानसभा क्षेत्र में 125 आपत्तियां दर्ज हुईं, जिनमें अधिकतर मतदाता अनुसूचित जाति के थे। फॉर्म-7 में इन लोगों को भारतीय नागरिक नहीं बताया गया। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसी आपत्ति नहीं दी। गांव के ही प्राइवेट स्कूल संचालक उमाशंकर चौरसिया के नाम से फॉर्म-7 भरा गया था। चौरसिया ने साफ किया कि उन्होंने किसी की आपत्ति दर्ज नहीं कराई। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यह काम जानबूझकर किया गया ताकि अनुसूचित जाति के मतदाता मतदान सूची से हट जाएं।

भारतपुरा में 450 से अधिक मतदाताओं पर फर्जी आपत्तियां

भारतपुरा गांव में 450 से अधिक मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां दर्ज हुईं। जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर ने एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपकर बताया कि आपत्तिकर्ता के रूप में शंकर लाल राजपूत और रूप सिंह राजपूत के नाम दर्ज किए गए हैं। दोनों ने शपथ पत्र देकर इन आपत्तियों से किनारा कर लिया है। रूप सिंह राजपूत के नाम से 234 और शंकर लाल लोधी के नाम से 214 आपत्तियां दर्ज हुईं। दोनों ने बताया कि उन्होंने किसी के नाम पर आपत्ति नहीं लगवाई।

अन्य गांवों में भी फर्जी आपत्तियों का सिलसिला

बिजावर नगरीय क्षेत्र, उदयपुरा और अमरपुरा सहित कई गांवों में मतदाताओं के नाम पर फर्जी आपत्तियां दर्ज करने के आरोप हैं। जांच में यह साफ हुआ कि आपत्तियां लगाने वाले कई बार ही पता और मोबाइल नंबर बदलकर फर्जी फॉर्म-7 भरते रहे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में गड़बड़ी का गंभीर मामला है, क्योंकि फॉर्म-7 का इस्तेमाल करके मतदाताओं के वोट को हटा देना या प्रभावित करना कानून के खिलाफ है।

फैक्ट फाइल

विधानसभा का नाम दावा            आपत्ति            संशोधन

महाराजपुर             3058             405            1481

चंदला             2664             485            973

राजनगर             1229             290            873

छतरपुर             3140             375            1577

बिजावर             2370             189            850

मलहरा             1807             355             741

कुल             14268             2099 6495

एडीएम का आदेश- गलत आपत्तियां निरस्त की जाएंगी

एडीएम मिलिंद नागदेवे ने स्पष्ट किया कि फॉर्म-7 के आधार पर ही नाम हटाने की प्रक्रिया होती है। उन्होंने कहा, जो भी गलत तरीके से आपत्तियां आई हैं, उनकी जांच कर उन्हें निरस्त किया जाएगा। सही पाए जाने वाली आपत्तियों को ही फीडिंग की जाएगी। गलत आपत्तियां लगाने वालों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। एडीएम ने यह भी कहा कि सभी विधानसभा क्षेत्रों के तहसील कार्यालयों में मतदाता सहायता केंद्रों के माध्यम से आपत्तियों की जांच की जा रही है। बीएलओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे वार्ड में निवासरत मतदाताओं की जांच कर फॉर्म-7 की सच्चाई को सुनिश्चित करें।