
आयुष की फाइल फोटो।
बरगढ़ बाजार में कारोबारी अशोक केसरवानी अपने परिवार के साथ रहते हैं। अशोक के अनुसार, गुरुवार शाम उनका 13 वर्षीय बेटा आयुष घर के बाहर खेल रहा था। कुछ देर बाद वह अचानक लापता हो गया। परिजनों ने आसपास के क्षेत्र में काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
इसी बीच मोबाइल पर वॉट्सऐप कॉल आया। इसमें कहा गया कि बच्चे को किडनैप कर लिया गया है। कॉल करने वालों ने बच्चे को छोड़ने के बदले 40 लाख की फिरौती की मांग की। अशोक केसरवानी ने बातचीत के बाद मामले की सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस ने तुरंत तलाश शुरू की, लेकिन शाम तक बच्चे की जानकारी नहीं मिल सकी।
गुरुवार देर रात राहगीरों ने सड़क किनारे एक बंद बक्सा देखा। संदेह होने पर उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बक्से का ताला तुड़वाया तो उसके अंदर आयुष का शव बरामद हुआ। बच्चे के मृत मिलने की सूचना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश फैल गया।
शव मिलने के बाद पुलिस ने वॉट्सऐप पर आए कॉल की जांच शुरू की और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से कॉल करने वाले नंबर का विवरण निकाला। शुक्रवार सुबह लोकेशन ट्रेस होने पर पुलिस ने दोनों संदिग्धों को घेर लिया। मुठभेड़ के दौरान दोनों को गोली लग गई। पुलिस टीम ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां 70 साल के कल्लू नामक आरोपी की मौत हो गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपी व्यापारी के पड़ोसी थे और बच्चे के आने-जाने की जानकारी पहले से रखते थे। अधिकारियों ने मृत बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घायल आरोपी इरफान को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है, जहां उसकी निगरानी की जा रही है। घटना के बाद परिवार में मातम छाया हुआ है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस ने IPC की अपहरण, फिरौती, हत्या तथा आ Arms Act सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
Updated on:
23 Jan 2026 01:10 pm
Published on:
23 Jan 2026 09:30 am
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